जिसके बाद शहर के कई मेडिकल संचालक भूमिगत हो गए। टीमों ने सूचना मिलने पर मेडिकल संचालकों के कई गुप्त ठिकानों पर भी छापामार कार्रवाई की।
टीम को टोहाना रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर से कुछ आपत्तिजनक दवाईयां मिली जिस पर मेडिकल संचालक के खिलाफ ड्रग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए स्टोर को सील कर दिया गया।
सहायक ड्रग कंट्रोलर आदर्श गोयल व सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर कर्ण सिंह गोदारा के नेतृत्व में रतिया में विभिन्न जिलों के तीन ड्रग इंस्पेक्टरों की टीमों ने रतिया शहर के साथ कई गांवों में स्थित मेडिकल स्टोर्स पर छापे मारे।
इन टीमों के साथ एसपी द्वारा गठित किए गए नशा विरोधी स्पेशल टीम के इंचार्ज रूपेश कुमार, रजनीश धानीवाल, परविंद्र मलिक व सुनील कुमार शामिल थे।
डीआई रजनीश धानीवाल की टीम ने टोहाना रोड पर स्थित सतगुरु मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। छापे के दौरान टीम को 120 टैबलेट बरामद हुई जिनको बेचने के लिए संचालक अधिकृत नहीं था।
उक्त स्टोर से पशुओं को लगाए जाने वाले करीब दो सौ टीके भी बरामद किए गए, जिनके बारे में मेडिकल संचालक के पास खरीद व बेच का कोई उचित रिकार्ड नहीं था।
टीम ने संचालक से दस्तावेजों के बारे में पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया। उक्त टीम ने स्टोर के संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्टोर को सील कर दिया।
बाद में टीम ने टोहाना रोड स्थित कई अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी लेकिन कुछ हासिल नहीं हो पाया। अन्य टीमों ने भी बुढ़लाडा रोड, नए बस अड्डे के पास और फतेहाबाद रोड के साथ साथ कई गांवों में स्थित मेडिकल स्टोरों की भी जांच की। विभाग की इस कार्रवाई से मेडिकल स्टोर्स संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
डीआई रजनीश धानीवाल ने बताया कि टोहाना रोड स्थित सतगुरु मेडिकल स्टोर पर कुछ आपत्तिजनक दवाईयां मिली। जिनका रिकार्ड संचालक के पास पर्याप्त नहीं था। संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्टोर सील कर दिया गया।