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गर्मी में मुरझा रहे नौनिहाल

Wed, 11 Jun 2014 11:40 PM IST
fatehabad
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सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित नहीं की है। बच्चों को सुबह सवेरे ही घर से आंगनबाड़ी केंद्र में आना पड़ रहा है। कई केंद्रों पर बिजली और पानी की बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इससे गर्मी में बच्चों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर में तीन आंगनबाड़ी केंद्र हैं।
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 ठाकर बस्ती और अशोक नगर में बने आंगनबाड़ी केंद्रों के हालत देखें तो मासूम बच्चों की दशा देखकर कोई भी व्यवस्था के खिलाफ आपा खो देगा। तपती गर्मी और झुलसा देने वाली लू के दिनों में इन आंगनबाड़ी केंद्रों में एक भी पंखा नहीं लगा है। छोटे बच्चों को यहां दोपहर दो बजे तक बैठना पड़ता है। बिना पंखों के बच्चों को गर्मी में क्या हाल होता होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कबीर बस्ती के आंगनबाड़ी में भी एक पड़ोसी ने बच्चों की दशा पर तरस खाकर अपना पंखा लगा दिया है। जिले के तमाम आंगनबाड़ी केंद्रों की लगभग यही तस्वीर है।  


एक सप्ताह से नहीं बना मिड डे मील --
आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन न पहुंचने के चलते पिछले एक सप्ताह से मिड डे मील नहीं बना है। इस कारण गर्मी की मार झेलने के साथ बच्चों को भूख से भी व्याकुल रहना पड़ता है। कबीर बस्ती के आंगनबाड़ी केंद्र की इंचार्ज सुषमा देवी ने बताया कि उन्होंने इस समस्या से अपने अधिकारियों को अवगत कराया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मिड डे मील का राशन पहले कम मिल रहा था, लेकिन पिछले काफी समय से मिल ही नहीं रहा।
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 उन्होंने बताया कि गर्मी से कई बार बच्चों की हालत खराब हो चुकी है। जिस बच्चे की तबीयत खराब होती है, उसे तुरंत घर तक छोड़कर आते हैं। अगर किसी बच्चे को कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में भी छुट्टियां होनी चाहिए ताकि नन्हे बच्चों को गर्मी की मार से निजात मिल सके। अगर ऐसा नहीं होता तो आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत में सुधार किया जाना चाहिए।

कोई बोलने को तैयार नहीं --
जब इस बारे में सीडीपीओ सुशीला शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इस मामले पर पीओआईसीडी ही बता पाएंगी। जब पीओआईसीडी आशा सेतिया से बात की गई तो उन्होंने आवाज साफ न आने की बात कह कर फोन काट दिया। उसके बाद कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। जब एसडीएम बलजीत सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि यह मामला पीओआईसीडी आशा सेतिया ही देख रहीं हैं। उनसे ही इस बारे में पता चल पाएगा।

कल से बदल दिया समय
आंगनबाड़ी वर्कर्स की जिला प्रधान चंद्रकांता ने बताया कि बच्चों के खाने का सामान आज आ गया है। इसके अलावा उपायुक्त ने बुधवार से आंगनबाड़ी केंद्रों का समय बदल कर सुबह सात बजे से दस बजे तक कर दिया है। अब गर्मी में बच्चों को दोपहर दो बजे तक नहीं बैठना पड़ेगा। उन्हें मिड डे मील भी बुधवार से मिलना शुरू हो जाएगा।
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