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Fatehabad News: सरकारी अस्पतालों में एलर्जी तक की दवा नहीं

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फतेहाबाद। सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को दवाइयों को लेकर निराश होकर लौटना पड़ रहा है। 95 फीसदी मरीजों को अस्पताल की डिस्पेंसरी में से पूरी दवाइयां नहीं मिल रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों का टोटा है। जिला नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में मरीजों को आई ड्राॅप्स और एलर्जी तक की दवा नहीं मिल रही हैं। मरीजों को बाहर मेडिकल से खरीदनी पड़ रही है। मरीजों को पांच में से दो या तीन दवाइयां ही अस्पताल की डिस्पेंसरी से मिल रही है।
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ये ही हालात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के हैं, यहां भी मरीजों को पूरी दवाइयां नहीं मिल रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी आई ड्राप्स, खांसी के सिरप, एलर्जी की सिटराजिन, बच्चों के एंटीबायटिक सिरप, एंटी एलर्जी क्रीम तक नहीं है। जिले में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिसमें भट्टूकलां, भूना, जाखल, बड़ोपल और भूथनकलां शामिल हैं। सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाई की कमी होने पर लोकल परचेज एमएमआईवाई के तहत की जा सकती है। लेकिन इससे पहले एनओसी लेनी होती है। पोर्टल पर एनओसी न मिलने से अस्पताल लोकल परचेज भी नहीं कर पा रहे हैं। संवाद
1252 दवाओं में से सिर्फ 192 प्रकार की दवा ही उपलब्ध
प्रदेश में दवाइयों को लेकर 7 वेयर हाउस हैं। फतेहाबाद जिले को सप्लाई हिसार वेयर हाउस से होती है। सीनियर फार्मेसी ऑफिसर कृष्ण बिश्नाई की माने तो 1252 प्रकार की दवा लिस्ट में से मात्र 192 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध हैं।
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जिले में 50 फीसदी फार्मेसी ऑफिसर, डिस्पेंसरी में आधे भी नहीं
जिले के सरकारी अस्पतालों में फार्मेसी ऑफिसर की कमी है। 50 फीसदी तक फार्मेसी ऑफिसर के पद खाली है। यहां पर 47 पद स्वीकृत है लेकिन कार्यरत मात्र 25 ही है। इसमें डिस्पेंसरी में आधे भी डयूटी नहीं दे रहे हैं। विभाग ने अन्य कामों पर ड्यूटी लगा रखी है।

ये बोले मरीज
अस्पताल में आंखों की जांच करवाने के लिए आई थी। जांच के बाद डॉक्टर ने दवाई लिखी है लेकिन डिस्पेंसरी के बाहर 20 मिनट लाइन में लगने बाद दवाई नहीं मिली है।
-ज्ञानी देवी, अशोक नगर फतेहाबाद।
अस्पताल में डॉक्टर को चेकअप के बाद दवाई लिखी गई थी। चार में से दो ही दवाइयां मिल पाई है। अब उसे बाहर से खरीदनी पड़ेगी।
- राजकुमार, निवासी फतेहाबाद
अस्पताल में फिजिशियन को दिखाया था। पांच दवाइयां डॉक्टर ने लिखी थी इसमें से उसे दो ही मिल पाई हैं।
- हरप्रीत सिंह, निवासी मताना
कोट
दवाइयों की कमी प्रदेश भर के अस्पतालों में है, फतेहाबाद जिले में भी बहुत ज्यादा कमी है। एसोसिएशन की तरफ से दवाइयों और फार्मासिस्ट की कमी को लेकर डीजीएचएस को मांग पत्र सौंपा था। इस दौरान उच्च अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि दवाइयों की कमी को पूरा किया जाएगा।
- कृष्ण बिश्नोई, जिला फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन
कोट
अस्पताल में दवाइयों की जो कमी होती है उसकी डिमांड समय-समय पर मुख्यालय को भेज दी जाती है। वेयर हाउस में दवाई न होने के चलते दिक्कत आती है। हालांकि अस्पतालों के पास बजट है और उसके द्वारा दवाई खरीदी जा सकती है।
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-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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