फतेहाबाद। जनस्वास्थ्य विभाग गांवों में पानी बचाने के लिए अब आईएसए यानि इंप्लीमेंट स्पोर्ट एजेंसी का सहारा ले रहा है। ये एजेंसी गांवों में पानी बचाने के काम करेगी और साथ-साथ यहां की ग्रामीणों को समितियों को भी प्रशिक्षण देगी। नए वित्त वर्ष से एजेंसी काम शुरू कर सकती है। जिले में आईएसए अपने 13 कर्मचारी नियुक्त करेगी। 20 पंचायतों पर एक कर्मचारी नियुक्त किया जाएगा।
अधिकारियों की माने तो ये एजेंसी एक साल तक काम करेगी। एजेंसी के कर्मचारी ग्रामीण जल समितियों को प्रशिक्षण देगी। इसके अलावा गांव में पानी बचाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। अवैध कनेक्शनों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ खुली चल रही टूंटियों को भी बंद करने का काम करेंगे। वहीं जल बचाने को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग खुद गंभीर नहीं है। परिसर में लगा रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है लेकिन इसका कनेक्शन ही नहीं किया गया है। इसके अलावा न ही इसकी सफाई हुई है। जिस मकसद से सिस्टम लगाया गया है वह पूरा ही नहीं हो पा रहा है।
पानी के जिले में ये हैं कनेक्शन
क्षेत्र पानी कनेक्शन
भूना शहर 5039
फतेहाबाद शहर 18385
रतिया शहर 6149
टोहाना शहर 16812
जाखल शहर 1066
भट्टूकलां 15738
भूना ग्रामीण 17080
फतेहाबाद ग्रामीण 23780
जाखल ग्रामीण 7592
नागपुर ग्रामीण 23089
रतिया ग्रामीण 19130
टोहाना ग्रामीण 22222
नहीं हुआ अब तक ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का गठन
गांवों में नई पंचायतें बनने के बाद अब तक ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का गठन नहीं हुआ है। करीब 50 फीसदी गांवों में ही समिति गठित हुई है। इस समिति में सरपंच, तीन पंच सदस्य, सरपंच और पंच के अलावा चार अन्य सदस्य, विकास एवं पंचायत विभाग के कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता, ग्राम सचिव को शामिल किया जाना है।
कोट
शहर और गांवों में जल संरक्षण को लेकर टीमें लगातार लोगों को जागरूक करती है। जहां अवैध कनेक्शन है उन पर कार्रवाई भी की जा रही है। गांवों में जल बचाने को लेकर आईएसए को काम दिया गया है। ये एजेंसी गांवों में काम करेगी और जल बचाएगी।
-शर्मा चंद्र लाली, जिला सलाहकार, जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन