समैन। गांव पिरथला, ठरवा व ठरवी में खेत की ढाणियों में बसे लोगों के लिए पेयजल का संकट गंभीर होता जा रहा है। इन लोगों को पेयजल के लिए टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। दरअसल, गांव ठरवा व ठरवी में चंदड़ माइनर के पास खेतों में 36 ढाणियां बसी हैं, जबकि गांव पिरथला में 255 ढाणियां बसी हैं।
इनमें पेयजल की सप्लाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। ढाणी निवासी पास से गुजर रही छोटी माइनर से ही पेयजल की व्यवस्था करते हैं, लेकिन पिछले एक महीने से यह माइनर बंद है। ढाणियों में बसे ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पेयजल की एक घूंट भी नसीब नहीं हो पा रही। ढाणी में रहने वाले ग्रामीण रामपाल, अमन, महेंद्र सिंह, निहाल सिंह, जगदीश, हवा सिंह, सुखविंदर व अनूप ने बताया कि उनकी ढाणियों में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है।
वह खेतों में लगे हैंडपंप व ट्यूबवेलों का खराब पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार वह अपनी दैनिक जरूरतों के लिए हर दो दिन बाद गांव से 6 किलोमीटर दूर भाखड़ा नहर की फतेहाबाद ब्रांच से टैंकरों में पानी भरकर लाते हैं। ठरवा में बनी गोशाला में गायों के पीने के पानी की आपूर्ति भी टैंकरों से ही की जा रही है।
वर्जन : गांव पिरथला में खेत की ढाणियों में पेयजल की समस्या गंभीर है। ढाणियों में पानी की सप्लाई की कोई व्यवस्था नहीं है। ढाणियों में बसे लोग नहर से पानी लेकर जाते हैं। सरकार को ढाणियों में बसे ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को तुरंत हल करना चाहिए।
- रामकुमार, सरपंच, पिरथला।
गांव के पास से गुजरने वाली फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी व पिरथला डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी की बंदी होने के कारण गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है। अभी तक गांव में टयूबवेल के पानी को नहरी पानी में मिलाकर सप्लाई दी जा रही है। फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी आ गया है। ढाणियों में पानी की सप्लाई के लिए पाइपलाइन नहीं बिछी है। इसी कारण वहां पीने के पानी की सप्लाई बंद है। इस बारे में विभागीय आदेश मिलते ही पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
- राम रख, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, टोहाना।