फतेहाबाद। 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त है। इस दिन जिले में करीब दो हजार से अधिक शादियां होनी हैं। वहीं इसकी आड़ में काफी संख्या में बाल विवाह भी होते हैं। इस संबंध में प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके लिए बाल विवाह निषेध अधिकारी की ओर से टीमें बना दी गई हैं जो जिले में होने वाले शादी समारोह पर नजर रखेंगी।
इस संबंध में बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने लघु सचिवालय के समीप स्थित डीपीआरसी हाॅल में सरपंच व ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें निर्देश दिया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर काफी विवाह समारोह होते हैं। इनपर गांव के पंच व सरपंच नजर रखें।
उन्होंने पुजारी, गुरुद्वारे के पाठी, गांव के पंच, सरपंच, नंबरदार व सामुदायिक केंद्र, सार्वजनिक भवन, मैरिज पैलेस, धर्मशाला आदि के मालिक एवं प्रभारियों व टेंट हाउस आदि के संचालकों से अपील की है कि वे दूल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाणपत्रों की जांच कर लें। आयु प्रमाणपत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें। अपने क्षेत्र में बाल विवाह का आयोजन न होने दें। ऐसा पाए जाने पर इसकी सूचना प्रशासन को दें और बाल विवाह रोकना सुनिश्चित करें।
जिले के मंदिर व गुरुद्वारे में करवा चुके हैं मुनादी
बाल विवाह निषेध अधिकारी की ओर से जिले के सभी गांवों व शहरों में बने मंदिरों व गुरुद्वारे सहित सभी धार्मिक स्थानों पर मुनादी करवा दी गई है। वहीं सभी आंगनबाड़ी वर्करों की ओर से अपने केंद्र पर जागरूकता अभियान भी चलाया गया है। वहीं पुलिस की टीमें भी तैयार हैं।
झूठी शिकायत देने वालों पर भी होगी कार्रवाई
अधिकारी ने बताया कि झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह के आयोजन के संबंध में सूचना समय रहते नजदीक के पुलिस थाना, पुलिस चौकी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, डब्ल्यूसीडीपीओ, बाल सरंक्षण अधिकारी, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास, एसडीएम, बीडीपीओ, तहसीलदार, सीटीएम, पुलिस अधीक्षक व पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 व महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर दी जा सकती है।
वर्जन : विवाह के लिए लड़की की शादी की उम्र 18 वर्ष व लड़के की शादी की उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे पूर्व विवाह करना कानूनी तौर पर अपराध है। नियम के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने का भी प्रावधान है। टीमें बना दी गई हैं, वहीं सरपंचों को गांव में होने वाले विवाह समारोह पर नजर रखने के लिए बोला गया है।
- रेखा अग्रवाल, बाल विवाह निषेध अधिकारी, फतेहाबाद।