फतेहाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र तो शुरू कर दिया है लेकिन इसके संचालन को लेकर संकट भी खड़ा हो गया है। इसके संचालन के लिए नागरिक अस्पताल प्रबंधन के पास फार्मेसी ऑफिसर ही नहीं है। हालात ये है कि शनिवार और रविवार को दवा काउंटर बंद करना पड़ रहा है।
इसके अलावा अगर मरीज को शाम पांच बजे के बाद दवा चाहिए तो नागरिक अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर नहीं मिलेगी। वजह ये है कि अस्पताल में फार्मेसी ऑफिसर के 9 पद है लेकिन इसमें भी यहां पर चार ही कार्यरत हैं। इन चार में से भी एक की ड्यूटी कोर्ट डिस्पेंसरी में लगी है। इसके अलावा एक फार्मेसी ऑफिसर पहले ही स्टोर में तैनात है। दो में से एक की ड्यूटी जन औषधि केंद्र में लगा दी गई है।
रोजाना करीब एक हजार मरीजों को दवा देने के लिए भी मात्र एक ही फार्मेसी ऑफिसर तैनात है। हालात ये है कि डिस्पेंसरी में मरीजों को प्रशिक्षु ही दवा दे रहे हैं। ये स्थिति अकेले फतेहाबाद नागरिक अस्पताल की नहीं बल्कि सीएचसी और पीएचसी की भी है।
-जनऔषधि केंद्र में आई है सिर्फ 65 प्रकार की दवाइयां
जनऔषधि केंद्र में दवाइयों को लेकर कोई बजट नहीं मिला है। हालात ये है कि सिर्फ 65 प्रकार की नाममात्र दवाइयां आई है। हालात ये है कि काउंटर ही खाली पड़े हैं। नागरिक अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि दवा खरीद की प्रक्रिया चल रही है।
-60 में से मात्र 23 ही कार्यरत, लाइनों में मरीज
जिले में 60 फार्मेसी ऑफिसर के पद हैं जबकि 23 ही कार्यरत हैं। अकेले नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में 750 से 1000 मरीजों तक की ओपीडी होती है। इन मरीजों को दवा देने के लिए यहां डिस्पेंसरी में एक ही फार्मेसी ऑफिसर है। इन पर ओपीडी पर्ची की ऑनलाइन एंट्री की भी जिम्मेदारी है। हालात ये है कि ट्रेनिंग पर आए प्रशिक्षुओं से व्यवस्था चलाई जा रही है। यहां पर दवा लेने के लिए मरीज को 40 मिनट से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। दोपहर 12 बजे के बाद तो धक्का-मुक्की तक के हालात हो रहे हैं।
- नागरिक अस्पताल और सीएचसी में व्यवस्था
स्वास्थ्य केंद्र पद कार्यरत
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 9 4 (एक की ड्यूटी कोर्ट डिस्पेंसरी में)
सीएचसी भट्टूकलां 2 0
सीएचसी भूथनकलां 2 1
सीएचसी जाखल 2 0
सीएचसी भूना 2 0
उप नागरिक अस्पताल रतिया 3 1
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 8 4
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी नहीं है फार्मेसी ऑफिसर
जिले में 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है और पांच अर्बन पीएचसी हैं। लेकिन यहां भी दवाई देने के लिए फार्मेसी ऑफिसर की कमी है। हालात ये है कि इन केंद्रों में एएनएम या फिर स्टाफ नर्स मरीजों को दवाई दे रही हैं। 10 पीएचसी पर फार्मेसी ऑफिसर नहीं है।
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स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के पास पूरा रिकॉर्ड है कि कहां क्या स्थिति है। जिले में 60 में से सिर्फ 23 ही फार्मेसी ऑफिसर तैनात हैं। जिला मुख्यालय अस्पताल से लेकर पीएचसी में काफी दिक्कत आ रही है। एसोसिएशन की तरफ से कई बार मांग भी उठाई जा चुकी है। लेकिन सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है।
- कृष्ण बिश्रोई, सीनियर फार्मेसी अधिकारी एवं जिला प्रधान, फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन।