जिले के 60 हजार परिवार ऐसे हैं जो कि साल में 25 हजार रुपये ही कमा पाते हैं। उनकी कुल आय 25 हजार रुपये या इससे भी कम है। यानी की महीने का मात्र 2083 रुपये ही कमा रहे हैं। इसका खुलासा परिवार पहचान पत्र में मुखियाओं ने किया है। मुखियाओं के अनुसार उनके परिवार की कुल आय 25 हजार से कम है। ऐसे परिवारों के हाल ही में बनाए गए परिवार पहचान पत्र में दिखाई गई वार्षिक आय शक के दायरे में आ गई है।
प्रथम चरण में 25 हजार से कम वार्षिक आय दिखाने वाले परिवारों की जांच शुरू हो गई है। इस जांच का जिम्मा बूथ स्तर पर शिक्षकों को दिया गया है। शिक्षक आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, सक्षम युवाओं को साथ लेकर ऐसे परिवारों की आय की जांच करेंगे। इनके साथ 795 सीएससी और वीएलई लगाए गए हैं। अगर जांच में आय गलत मिलती है तो टीम इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी। 2423 परिवार बुधवार तक वेरिफाई भी हो चुके हैं जबकि अभी 60 हजार 51 परिवारों की आय की जांच होनी है। बताया जा रहा है कि अभी फिलहाल कम आय वाले परिवारों की इनकम की जांच होगी। इसके बाद अगला चरण शुरू हो सकता है। संवाद
अपडेट में बताई गई कम आय
सरकार की तरफ से बूथ स्तर पर सर्वे करवाया गया था। इस दौरान फैमिली आईडी बनाई गई। इसके बाद इनके अपडेशन का काम शुरू किया गया। अपडेशन के दौरान परिवार के सभी सदस्यों को अपनी वार्षिक आय बतानी थी। जिले में अभी तक 96.3 फीसदी परिवार पहचान पत्र अपडेट हो चुके है जो कि प्रदेश में सबसे ज्यादा है।
ये करेंगे परिवारों की आय की जांच
शिक्षक- 700
वीएलई, सीएससी संचालक - 795
आशा व आंगनबाड़ी वर्कर्स - 814
सामाजिक कार्यकर्ता - 129
परिवार पहचान पत्र बनवाने में जिला आगे
जिले में कुल परिवार - 258439
परिवार पहचान पत्र अपडेट - 248754
पढ़ाना छोड़ शिक्षक करेंगे परिवार के आय की जांच
परिवार पहचान पत्र में इनकम वेरिफिकेशन के काम में शिक्षकों को लगाया गया है। इसको लेकर शिक्षक विरोध कर रहे है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल छोड़कर उन्हें घर-घर जाकर फैमिली आय वेरिफाई करनी पड़ रही है। जबकि स्कूलों में इस समय दाखिला प्रक्रिया चल रही है।
कोट
परिवार पहचान पत्र में आय जांच का काम जारी है। टीम इस काम में जुटी हुई है। भविष्य में योजना का लाभ परिवार पहचान पत्र आईडी के जरिये ही मिलेगा। खुशी की बात यह है कि परिवार पहचान पत्र बनवाने में जिला पहले नंबर पर है।
- मुनीष नागपाल, अतिरिक्त उपायुक्त फतेहाबाद।