परिजनों की रजामंदी से विवाह करने वाले प्रेमी जोड़े के बीच उठी कलह की आग में एक को जान गंवानी पड़ी। सोमवार रात घरेलू कलह के चलते एक महिला ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली।
जब पति ने उसे बचाने की कोशिश की तो वह भी गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन परिजन दोनों को इलाज के लिए फतेहाबाद के अस्पताल लेकर आए, जहां से दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए हिसार रेफर कर दिया गया। इस बीच महिला ने दम तोड़ दिया, जबकि उसके पति की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, मृतका के परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए महिला को आग लगाकर मारने के आरोप लगाए हैं।
हंसगा गांव की 25 वर्षीय मोनिका और धंागड गांव के प्रेम सागर बिश्नोई एक-दूसरे से प्रेम करते थे। परिजनों की रजामंदी के बाद 29 दिसंबर 2011 को उनका विवाह हुआ था। दोनों के आठ माह का बच्चा भी है, लेकिन इस दौरान दंपति में किसी बात को लेकर अनबन रहने लगी।
जानकारी के अनुसार सोमवार रात 9 बजे मोनिका और प्रेमसागर के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिससे क्षुब्ध मोनिका ने मिट्टी का तेल छिड़क कर खुद को आग लगा ली। पत्नी को धूं-धूंकर जलता देख प्रेमसागर उसे बचाने दौड़ा। इस बीच वह भी बुरी तरह झुलस गया।
आनन-फानन में परिजन के लोग दोनों को इलाज के लिए फतेहाबाद के प्राइवेट अस्पताल लेकर गए, जहां के डाक्टरों ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हिसार रेफर कर दिया। मोनिका ने हिसार के प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, प्रेमसागर की हालत गंभीर बनी हुई है।
भाई के पास किया था फोन मुझे बचा लो
मृतका मोनिका के भाई अमित और फुफेरे भाई सुनील ने पुलिस को बताया कि मोनिका को उसके ससुरालवाले दहेज के लिए तंग करते थे और उससे मारपीट करते थे। सोमवार देर शाम को मोनिका का उनके पास फोन आया था और उसने उसे कहा कि उसके ससुरालवाले उसे मारना चाहते हैं और तुम मुझे बचा लो।