स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण कुलां में एक महिला ने चिकित्सा सुविधा समय पर आखिरकार नहीं मिल सकी। इसका परिणाम यह हुआ कि महिला की सड़क पर ही डिलीवरी हुई। कुलां में निवासी गुरविंद्रजीत सिंह के घर पर बिहार निवासी प्रवासी मजदूर अशोक कुमार को नौकर रखा हुआ है।
गत रात दो बजे अशोक कुमार की पत्नी लवली देवी को डिलीवरी का दर्द शुरू होने पर वह उसे कुलां के पीएचसी सेंटर में लेकर गया। अशोक कुमार ने बताया कि सेंटर के प्रसूति गृह पर जाकर स्टाफ सदस्यों को कई बार आवाज लगाई। मगर प्रसूति गृह का किसी ने दरवाजा नहीं खोला।
इसके बाद वह अपनी पत्नी को लेकर वापस घर जा रहा था तो लबली देवी दर्द सहन न करते हुए गली में लेट गई। इस पर अशोक कुमार ने पास के घर में मदद के लिए दरवाजा खटखटाया। घर में मौजूद महिला रेखा देवी व सुनीता ने सड़क पर ही आनन फानन में डिलीवरी करवाई। सुबह ग्रामीणों ने जच्चा बच्चा को स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवा कर चिकित्सा सुविधा प्रदान करवाई ।
पहले भी हो चुके हैं मामले
इस घटना की ग्रामीणों को जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों की लापरवाही के प्रति रोष जताने लगे । ग्रामीण अवतार सिंह ने कहा कि कुलां के स्वास्थ्य केंद्र में अंधेर गर्दी के चलते ही महिलाओं को सड़कों पर बच्चों को जन्म देने की नौबत आ रही है।
डिलीवरी केस में लापरवाही को लेकर पहले भी कुलां में कई मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारी स्टाफ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र कुलां में रात के समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स रेखा ने कहा कि में रात भर केंद्र में ड्यूटी पर रही हूं। मेरे पास कोई भी महिला डिलीवरी करवाने के लिए नहीं आई ।
सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
सीएमओ सुरजभान कंबोज ने बताया कि कुलां में पिछली रात डिलीवरी केस में की गई अनदेखी के बारे में उसने जाखल एसएमओ को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।