फतेहाबाद। जिले के मौसम में परिवर्तन आ गया है। इस कारण बादल छाए रहे। इससे जिले के रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। ऐसे में लोगों काे गर्मी का अहसास हो रहा है। पंखे चलाने और फसलों में फिर से सिंचाई की जरूरत पड़ने लगी है।
मौसम में आए बदलाव से पिछले करीब 10 दिनाें से धूप कम निकल रही है। इससे फसलों में तेला चेपा रोग का प्रकोप हो गया है। इससे बचाव के लिए किसान गेहूं की फसलों में सिंचाई के कार्य में जुट गए हैं। जिले के किसान धर्मवीर, बलवान, संदीप, बबलू, मनीराम, सुमेर पाल और लीलूराम आदि ने बताया कि अब फसलों का पकाव होने लगा है। ऐसे में अब होने वाली बारिश फसलों के लिए फायदेमंद होगी, लेकिन यदि तेज हवा चलती है तो इससे गेहूं की फसल बिछ सकती है, जिसके कारण फसलों के उत्पादन में कमी हाे सकती है।
बादल के दौरान मौसम में नमी की मात्रा बढ़ जाती है। इससे फसलों में रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में किसानों को फसलों की देखरेख करते रहना चाहिए। आगामी बारिश फसलों के लाभदायक है, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवा फसलों के लिए नुकसानदायक होगी। -
डॉ. बहादुर सिंह गोदारा, कृषि विकास अधिकारी, भट्टू कलां।
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जिले में आमतौर पर 13 मार्च तक मौसम के परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 13 मार्च तक हवाओं में बदलाव आने से राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादल रहने की उम्मीद है। इससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट के साथ रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। मंगलवार और बुधवार को मध्यम से तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 14 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने पर मौसम में फिर से बदलाव संभावित है। -
मदनलाल खिचड़, अध्यक्ष, मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू, हिसार।