फतेहाबाद। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), भोडिया खेड़ा में शुक्रवार को पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न लाभों, स्वरोजगार के अवसरों तथा आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में सहायक निदेशक हरपाल सिंह ने पीएम विश्वकर्मा योजना की मुख्य विशेषताओं, पात्रता, कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, टूलकिट सहायता तथा तकनीकी एवं विपणन सहयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
तकनीकी सत्र में जिला प्रबंधक एफएलसी राज कुमार ने विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, ऋण प्रक्रिया, ब्याज सहायता तथा डिजिटल बैंकिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। जिला एमएसएमई केंद्र के औद्योगिक विस्तार अधिकारी बलदेव आर्य ने राज्य सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं और उद्योग स्थापना के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
संकाय सदस्य मोहित ने निर्यात, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग के महत्व पर चर्चा की जबकि गौरी कपूर ने डिजिटल मार्केटिंग और विभिन्न ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यक्रम के उद्यमिता सत्र में युवा पेशेवर आरती ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग पर जानकारी देते हुए बताया कि कारीगर एआई आधारित उपकरणों की सहायता से अपने उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और विपणन को बेहतर बना सकते हैं।
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प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं को किया शांत
एमएसएमई विकास कार्यालय, करनाल के सहायक निदेशक रमेश राजा ने प्रतिभागियों को कारीगर से सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक कौशल, योजना और व्यवसाय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों ने समाधान किया। इस मौके पर प्राचार्य रमेश कुमार ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।