हंस कॉलोनी में टावर लगाने का विरोध करते कॉलोनीवासी।
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मताना स्थित हंस कॉलोनी में निजी कंपनी का टावर लगाने को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। टावर लगाने पहुंचे कंपनी कर्मचारियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार के अलावा महिला पुलिसकर्मियों सहित पुलिस बल भी मौजूद रहा। ग्रामीणों ने जहां टावर लगना था, वहां से सामान उठाकर बाहर फेंक दिया और टावर लगाने के लिए खोदे गए गड्ढों में मिट्टी भर दी। आखिरकार विरोध के चलते कंपनी कर्मचारियों को बिना टावर लगाए ही वापस जाना पड़ा।
जानकारी अनुसार हंस कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने अपने प्लॉट में निजी कंपनी को टावर लगाने की अनुमति दी थी। इस टावर को लगाने के लिए कंपनी के कर्मचारी संदीप सिंह की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राजेश गर्ग सहित पुलिस बल के साथ गांव में पहुंची। जैसे ही कर्मचारियों ने टावर लगाना शुरू किया तो कॉलोनीवासी महिलाएं व पुरुष एकत्रित होकर विरोध करने लगे। उनका कहना था कि उन्होंने पहले ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके टावर लगाने का विरोध किया था। मामला कोर्ट में भी गया हुआ है। एक मार्च को सुनवाई होनी है। फिर भी टावर लगाने की कोशिश की गई।
कर्मचारियों और प्लॉट मालिक को लोगों ने घेरा : इस दौरान विरोध करते हुए लोगों ने कंपनी कर्मचारियों व प्लॉट मालिक को घेर लिया। लोगों ने कहा कि टावर लगाने से यहां रहने वाली आबादी को नुकसान होगा। टावर से निकलने वाली रेडियेशन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, इसलिए यहां टावर नहीं लगना चाहिए।
टावर लगवाने के लिए कंपनी कर्मचारियों के साथ कॉलोनी में गए थे, मगर लोगों ने विरोध किया। इस कारण यह काम फिलहाल रोक दिया गया है। उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। -राजेश गर्ग, ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार।