भूना। ढाणी भोजराज गांव में अंतरजातीय विवाह करने के मामले में शनिवार दोपहर तक पुलिस ने सामाजिक बहिष्कार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो युवक के परिवार ने गांव से पलायन करके पुलिस थाना भूना के आगे पड़ाव डाल दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर संदेहास्पद सवाल उठाए और एसएचओ के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई।
वहीं जब पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी को पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर पुलिस कर्मियों ने तुरंत प्रभाव से सामाजिक बहिष्कार करने वाले 9 नामजद व 50 अन्य लोगों के खिलाफ (3) एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने के बाद पीड़ित परिवार वापस ढाणी भोजराज गांव में अपने घर पहुंच गया।
सामाजिक बहिष्कार नहीं किया बल्कि दोनों परिवारों को अमन-चैन बनाए रखने के लिए समझाया था : पंचायत
ढाणी भोजराज गांव में शनिवार को सरपंच ज्योति देवी की अध्यक्षता में पंचायत हुई। जिसमें थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार भी पहुंचे। पंचायत ने कहा कि उन्होंने किसी का भी सामाजिक बहिष्कार नहीं किया बल्कि दोनों परिवारों को अमन चैन बनाए रखने के लिए समझाया था। ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पास करके स्पष्ट किया है कि अगर सामाजिक बहिष्कार से संबंधित कोई भी बात सामने आती है तो पंचायत आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवाएगी। बताया जा रहा कि इससे पहले हुई पंचायत में अनुसूचित जाति वर्ग के प्रेम विवाह करने वाले युवक के पिता साधु राम को राजबीर फांडण की ढाणी में बुलाकर सामाजिक बहिष्कार के साथ-साथ गांव छोड़कर चले जाने की धमकी दी गई थी। वहीं गांव में कई दुकानदारों ने पंचायत का फरमान 21 हजार रुपये का जुर्माना व सार्वजनिक माफी मांगने के डर के कारण अनुसूचित जाति वर्ग के साधु राम को सामान देने से इन्कार कर दिया था। एक दुकानदार ने तो उनकी मोटरसाइकिल के टायर पर पंचर तक नहीं लगाया। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। संगठन आए पीड़ित वर्ग के साथ
पीड़ित साधु राम के समर्थन में अनुसूचित जाति वर्ग के कई संगठनों ने मैदान में आकर पुलिस थाने के बाहर शनिवार को करीब 2 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। परंतु उसे दौरान थानाध्यक्ष ढाणी भोजराज में मामले की छानबीन करने गए हुए थे। हालांकि पुलिस की जांच पड़ताल के दौरान दुकानदारों ने बहिष्कार की बात को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने मात्र अफवाह फैला दी थी। मगर दूसरी और पीड़ित परिवार सामाजिक बहिष्कार किए जाने के सबूत देने का दावा कर रहा है। दोपहर बाद पुलिस ने ढाणी भोजराज के अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़े और लड़के के परिजनों का बहिष्कार करने पर कृष्ण चेयरमैन, भागचंद बेरा, गोपाल झाझड़ा, सतबीर सिंह, रामप्रसाद कुलड़िया, फौजी सुभाष झाझड़ा, पवन कुमार झाझड़ा, इंद्राज झाझड़ा, ओमप्रकाश झाझड़ा व 50 अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
- ऐसा कदम न उठाएं जो गैर कानूनी हो और शांति व्यवस्था भंग हो : एसएचओ
थाना अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने शनिवार को दोनों ही पक्षों से बातचीत की और किसी को भी कानून हाथ में न लेने की सलाह दी। ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने पुलिस को लिखित में दिया है कि उन्होंने किसी का सामाजिक बहिष्कार और गांव छोडने के लिए फरमान जारी नहीं किया। थानाध्यक्ष ने हिदायत दी कानून के खिलाफ कोई भी कदम न उठाएं। उन्होंने बताया कि सामाजिक बहिष्कार से संबंधित शिकायत पर प्रारंभिक दृष्टि से 9 नामित और 50 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।