फतेहाबाद। शिक्षा विभाग स्कूलों में व्यवस्था सुधारने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के लगातार दावे करता है, लेकिन हकीकत इन दावों से उलट नजर आ रही है। शहर की बस्ती बलाड़िया स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से मिड-डे मील वर्करों द्वारा काम करवाए जाने का मामला सामने आया है।
विद्यालय में भोजन ग्रहण करने के बाद बच्चों से अपनी तथा अन्य विद्यार्थियों की जूठी थालियां उठवाने का कार्य करवाया जा रहा है। जबकि शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्कूल परिसर में बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम नहीं कराया जाएगा। इसके बावजूद मिड-डे मील वर्कर बच्चों को अपना सहायक मानकर उनसे कार्य करवा रही हैं।
जबकि विद्यालय में मिड-डे मील तैयार करने के लिए तीन कर्मचारी तैनात हैं। इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी भोजन पकाने, बच्चों को परोसने, बर्तन साफ करने और ठंड के मौसम को देखते हुए बच्चों को गुनगुना पानी उपलब्ध कराने की है। बावजूद इसके बच्चों से बर्तन उठवाने और अन्य छोटे-मोटे कार्य कराए जा रहे हैं।
स्कूल में कुल 214 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वहीं विद्यालय में शिक्षण स्टाफ भी सरप्लस बताया जा रहा है। सरकार की ओर से विद्यालय में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं, फिर भी नियमों की अनदेखी कर बच्चों से काम करवाया जाना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
शिक्षकों की अनदेखी
स्कूल में बच्चों से मिड-डे मील का काम करवाए जाने के मामले में शिक्षक वर्कर को रोकने के बजाय इस पूरी प्रक्रिया की अनदेखी कर रहे हैं। स्कूल प्रशासन को न तो शिक्षा विभाग की सख्ती की चिंता है और न ही बच्चों के भविष्य की। अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन वहां उनसे मिड-डे मील से जुड़ा कार्य करवाया जा रहा है।
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यदि किसी स्कूल में बच्चों से काम करवाया जा रहा है या ठंड में गर्म पानी की सुविधा नहीं दी जा रही है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है।
-अनिता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद