फतेहाबाद। नगर परिषद द्वारा शहर से बंदरों को पकडऩे के लिए मथुरा से टीम को बुलाया गया था। टीम ने तीन दिन में 44 बंदर पकडऩे का दावा किया है। बंदरों को पकडऩे वाली टीम ने नगर परिषद द्वारा नकद भुगतान न करने से देर शाम को हंगामा कर दिया और कहा कि रात 11 बजे तक समाधान नहीं हुआ तो बंदरों को नगर परिषद कार्यालय में छोड़ दिया जाएगा।
त्योहार को लेकर वह घर जाना चाहते हैं लेकिन नगर परिषद अधिकारी भुगतान नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि शुक्रवार को जब वह बंदर पकड़ रहे थे तो कार सवार कुछ युवकों ने उन्हें धमकी भी दी और कहा कि रात को बंदर छोड़ दें नहीं तो ठीक नहीं होगा। इस दौरान वह बंदरों को मेडिकल करवाकर आ रहे थे। ऐसे में उन्हें जान का भी खतरा बना हुआ है। बंदरों को पकड़ने आए टीम सदस्य प्रशांत ने कहा कि नगर परिषद के अधिकारियों ने 15 हजार रुपये एडवांस दिए थे और बाकि भी नकद भुगतान करने का आश्वासन दिया था। दोपहर को उन्हों ने बंदरों का मेडिकल करवा दिया था और शाम तक नकद भुगतान नहीं किया गया। अधिकारियों को फोन किया है तो वह कह रहे हैं कि शनिवार को कुछ नकद राशि दी जाएगी और राशि बाद में चेक से मिलेगी। अगर उन्हें रात तक भुगतान न किया गया तो वह बंदर यहीं छोड़कर चले जाएंगे।
2150 रुपये प्रति बंदर का दिया गया है ठेका
नगर परिषद ने एजेंसी को 2150 रुपये प्रति बंदर का ठेका दिया हुआ है। पहले 313 बंदर पकड़े जा चुके हैं। पिछले दिनों 33 बंदर पकड़े गए थे। अब चौथी बार टीम आई तो 44 बंदर पकड़े गए हैं। पिछले दिनों बंदरों के हमले के कारण महिला छत से कूद गई थी और उसकी दोनों टांगे टूट गई थी। इसको लेकर दिनों तक नगर परिषद कार्यालय में हंगामा हुआ था।