फतेहाबाद। नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवीं वर्षगांठ पर मंगलवार को राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन डीपीआरसी हॉल में किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को नशे के खिलाफ शपथ दिलवाई।
दूसरी तरफ कार्यक्रम शुरू होने से पहले बुलाए गए स्कूली बच्चों को काफी परेशानी हुई। आयोजन स्थल पर उनके बैठने के लिए पूरी व्यवस्था नहीं थी, जिस कारण अधिकारियों और मुख्य अतिथि के बैठने के लिए लगाए गए सोफे आगे कर उस जगह पर बच्चों को फर्श पर बैठाया गया। वहीं कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए आंगनबाड़ी व आशा वर्कर को भी बुलाया गया था।
इन कर्मचारियों को तो बच्चों ने अपनी कुर्सी बैठने के लिए दे दी, लेकिन बच्चों को नीचे ही बैठाना पड़ा। बच्चों को गैलरी व खाली पड़ी जगह में बैठा दिया गया। कार्यक्रम भी तय समय समय से काफी देरी से शुरू हुआ। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, रागनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि पांच वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी। अब यह अभियान पूरे देश में विशाल और प्रभावी आंदोलन बन चुका है। अब तक पूरे देश में विभिन्न स्तर पर आयोजित 7.39 लाख गतिविधियों के माध्यम से 23.22 करोड़ से अधिक लोगों को संवेदनशील बनाने और शिक्षित किया जा सका है।
मंत्री ने कहा कि इनमें से 7.82 करोड़ से अधिक युवा और 5.25 करोड़ से अधिक महिलाएं इस अभियान में मुख्य भागीदार बनी हैं। इसके साथ ही 17.11 लाख से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 20000 से अधिक मास्टर स्वयंसेवकों का सक्रिय सहयोग इस अभियान में रहा है।
कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन की ओर से मुख्य अतिथि बेदी, पूर्व विधायक दुड़ाराम, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा आदि को उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। वहीं राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम पंजाब के अमृतसर में आयोजित हुआ। इसमें केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
प्रदेश में चल रहे हैं 109 नशा मुक्ति केंद्र
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 109 नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं। इस अभियान की शुरुआत में राज्य के 10 प्रमुख जिले जिनमें रोहतक, सिरसा, सोनीपत, हिसार, अंबाला, फतेहाबाद, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत तथा नूंह को शामिल किया गया था। इसके बाद अभियान का विस्तार करते हुए 4 और जिलों झज्जर, फरीदाबाद, गुरुग्राम एवं पंचकूला को जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने इस अभियान के साथ जोड़ने का काम किया है।
आंगनबाड़ी वर्करों 9 बजे बुलाया, कार्यक्रम साढ़े 11 बजे हुआ शुरू
अधिकारियों की ओर से कार्यक्रम में भीड़ दिखाने के लिए आंगनबाड़ी व आशा वर्करों को उनके अधिकारियों ने सुबह 9 बजे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए निर्देश दिए और कहा गया कि हाजिरी यहीं लगेगी। आंगनबाड़ी वर्कर सुबह पहुंच गई थी लेकिन कार्यक्रम ढाई घंटे देरी से शुरू हुआ।
सोफे को आगे करते रहे कर्मचारी
कार्यक्रम स्थल पर करीब 10 बजे ही बच्चे सहित कर्मचारी पहुंचना शुरू हो गए थे। कार्यक्रम में सरकारी स्कूल सहित आईटीआई से बच्चे आए हुए थे। करीब 11 बजे कार्यक्रम स्थल पूरी तरह से भर चुका था, जिसके बाद बच्चों को बैठाने के लिए अधिकारियों ने अपने व मुख्य अतिथि के लिए लगाए गए सोफे को आगे करवाया ताकि बच्चे बैठ सके। जिसके बाद भी बच्चे पूरे नहीं आए तो चलने के लिए पड़ी खाली जगह पर बच्चों को बैठाया गया।
फतेहाबाद के डीपीआरसी हॉल में आयोजित नशा मुक्त भारत के कार्यक्रम में शपथ दिलाते मुख्यअतिथि। सूच
फतेहाबाद के डीपीआरसी हॉल में आयोजित नशा मुक्त भारत के कार्यक्रम में शपथ दिलाते मुख्यअतिथि। सूच
फतेहाबाद के डीपीआरसी हॉल में आयोजित नशा मुक्त भारत के कार्यक्रम में शपथ दिलाते मुख्यअतिथि। सूच