फतेहाबाद। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 18 शिक्षकों पर कार्रवााई की तलवार लटक गई है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) संगीता बिश्नोई ने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को पत्र जारी कर संबंधित शिक्षकों के एरियर लाभ से जुड़ी रिपोर्ट तलब की है।
आरोप है कि इन शिक्षकों ने न्यायालय को गुमराह करके एरियर का लाभ प्राप्त किया है। इस मामले में डीसी कार्यालय को भेजी गई शिकायत का हवाला देते हुए जांच की जा रही है, लेकिन अब मामला नई दिशा में मुड़ गया है, क्योंकि शिकायतकर्ता देवेंद्र सिंह ने सामने आकर दावा किया है कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं की है।
आरोप है कि किसी ने उनके डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर शिकायत डीसी को भेजी है। देवेंद्र सिंह ने इस बारे में दो दिन पहले ही डीईईओ को अवगत करवा दिया था और अब वह पुलिस को भी शिकायत देने की तैयारी में हैं।
डीईईओ की ओर से जारी पत्र में उल्लेख है कि संबंधित शिक्षकों ने तथ्य छिपाकर विभाग को गुमराह किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों की भूमिका की जांच की जा रही है और रिपोर्ट तीन दिन के भीतर मांगी गई है।
इन शिक्षकों के नाम सामने आए : विकास टुटेजा, गुरदीप सिंह, प्रदीप कुमार, सुभाष चंद, प्रीतम कुमार, गुरदयाल सिंह, बलवान सिंह, छोटूराम, दीपक कुमार, सीमा ग्रोवर, रविंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, दीपा, मंजूरानी, दलबीर सिंह, अनिल कुमार, रीतू रानी और वीना रानी।
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यह था मामला
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2015 में संबंधित शिक्षकों ने हाईकोर्ट नीलम रानी मामले का हवाला देकर एरियर मांगा था, लेकिन कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था। बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 में फिर कोर्ट में याचिका लगाई गई। इसके बाद विभाग की तरफ से एरियर जारी हो गया था। आरोप है कि तथ्य छुपाकर लाभ लिया गया था।
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डीसी दी शिकायत में बताया गया कि तथ्य छिपाकर लाभ लिया गया है। शिकायत के आधार पर फिलहाल मामले की जांच जारी है। शिकायतकर्ता ने कहा कि उनके द्वारा शिकायत नहीं दी गई है और उनके डिजिटल हस्ताक्षर का प्रयोग किया गया है। यह अगर किसी की शरारत मिली तो कार्रवाई होगी।
- संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी