रतिया हॉस्पिटल में एकत्रित हुए मृतक महिला के परिजन
रतिया। टोहाना रोड पर एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत के मामले में परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इन्कार कर दिया। परिजनों ने मामले में हत्या की धारा शामिल कर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद, शहर थाना प्रभारी जयसिंह ने आश्वासन पर परिजन मान गए और शव ले गए।
बता दें कि पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत पर अस्पताल संचालक गुरसिमरन कौर, डॉ. कृष्ण कुमार व अन्य के खिलाफ लापरवाही से मौत सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। परिजनों के शव लेने से इन्कार करने की सूचना पर मौके पर पहुंचे शहर थाना प्रभारी जयसिंह ने आश्वासन दिया कि मामले में टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी कानूनी कार्रवाई बनेगी, वह करते हुए उसमें अन्य धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए। परिजन महिला के शव को लेकर घर लौट गए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो सभी ग्रामीण एकजुट होकर शहर जाम कर देंगे।
ये था ममला
पुलिस को दी शिकायत में हांसपुर निवासी मनजिंदर सिंह ने बताया है कि उसकी गर्भवती पत्नी पवनीत कौर शुक्रवार को डिलीवरी के लिए थिंद लाइफ केयर अस्पताल में लेकर आए थे। डॉक्टर ने डिलीवरी के लिए शनिवार सुबह बुलाया था। वे सुबह आ गए थे। उसने आरोप लगाया कि डिलीवरी के दौरान उसकी पत्नी को बेटा हुआ, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि पवनीत कौर की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है और उसे टोहाना रेफर किया जाएगा। परिजनों के अनुसार अस्पताल में मौके पर कोई एंबुलेंस भी मौजूद नहीं थी, जिस कारण वे अपनी निजी गाड़ी में टोहाना लेकर गए। मगर, रास्ते में ही अस्पताल का स्टाफ गायब हो गया। परिजनों का कहना है कि टोहाना अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला को देखते ही कह दिया कि इसकी नस गलत कट गई है और खून ज्यादा बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई है। इससे गुस्साए परिजनों ने शनिवार को रतिया टोहाना रोड के ऊपर खड़े होकर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम खुलवाकर मृतक महिला के पति की शिकायत पर अस्पताल संचालिका गुरसिमरत कौर, डॉ. कृष्ण कुमार व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।