फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले माह एक विशेष अभियान के तहत खून की कमी (एनीमिया) से ग्रस्त लोगों की पहचान और उनका उपचार शुरू किया। इस अभियान के दौरान अप्रैल में कुल 34,725 लोगों की स्क्रीनिंग की गई।
जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि लगभग 36 फीसदी लोग एनीमिया से ग्रस्त पाए गए। इनमें गंभीर एनीमिया से पीड़ित लोगों की संख्या 2.19 फीसदी (762 लोग) थी। विभाग ने 6 से 59 महीने के बच्चे, 5 से 9 साल और 10 से 19 साल के किशोर, दूध पिलाने वाली माताएं और अन्य वयस्क को जांच में शामिल किया। इसके अलावा 6,879 लोग हल्के एनीमिया और 5,028 लोग मध्यम स्तर के एनीमिया से प्रभावित पाए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रभावित सभी लोगों का उपचार तत्काल शुरू कर दिया गया है। विभाग ने लोगों से अपने स्वास्थ्य पर ध्यान रखने और समय-समय पर स्क्रीनिंग कराने की अपील की है।
आयरन गोलियां समय पर पहुंचाने पर जोर
उपमंडल फतेहाबाद में बुधवार को आयोजित एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान की उपमंडल स्तरीय बैठक में एसडीएम राजेश कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आयरन की गोलियां लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाई जाएं। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अभियान की प्रगति, रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग की विस्तृत समीक्षा की गई। एसडीएम ने अधिकारियों को बताया कि अभियान की मॉनिटरिंग गूगल फॉर्म के माध्यम से की जाएगी और विशेष ध्यान स्कूलों व लेफ्ट आउट विद्यार्थियों पर दिया जाएगा।
एसडीएम ने कहा कि एनीमिया की रोकथाम के लिए बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। इसके तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। एनीमिया से प्रभावित बच्चों को समय पर आयरन गोलियां, पौष्टिक आहार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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विभाग की तरफ से एनीमिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्क्रीनिंग की जा रही है जो एनीमिया ग्रस्त मिल रहा है उसका उपचार शुरू किया जा रहा है। - डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।