फतेहाबाद। करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए अमृत सरोवरों का अमृत रूपी पानी सूख गया है। आग उगलती गर्मी में अमृत सरोवर खुद प्यासे रह गए हैं। इन अमृत सरोवरों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा था। मगर सूखे सरोवरों के पास पर्यटक तो क्या पक्षी तक नहीं आ रहे हैं। जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत कुल 98 तालाबों को पुनर्जीवित करके उनका सुंदरीकरण किया जाना है। इनमें से अभी तक 67 तालाबाें को अमृत सरोवर बनाने का काम पूरा कर दिया गया है। मगर लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगने से 31 तालाबों काे अमृत सरोवर बनाने का काम अभी शुरू नहीं हो सका है।
गौरतलब है कि भविष्य के लिए जल संरक्षण के उद्देश्य से 24 अप्रैल 2022 को मिशन अमृत सरोवर लांच किया गया था। मगर गर्मी के इन दिनों में तालाबों में पानी ही नहीं है, तेज हवा के साथ उनमें धूल उड़ रही है। पशुओं और पक्षियों की प्यास बुझाने का दावा बेकार साबित हो रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बने अमृत सरोवरों में पानी नहीं होने के सवाल पर सरपंच व अधिकारी चुप्पी साध रहे हैं। गांव धांगड़ के सरपंच प्रतिनिधि से पूछा गया तो उन्होंने बीडीपीओ से बात करने को कहा। बीडीपीओ अनिल बिश्नोई से बात की तो बीडीपीओ ने पंचायती राज विभाग के एक्सईएन से बात करने के लिए बोल दिया। अधिकारी एक-दूसरे पर मामला डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन अमृत सरोवर में पानी क्यों नहीं है, किसी के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। संवाद
एक महीने बाद भी नहीं डाला गया पानी
गांव अयाल्की के ग्रामीण रामकुमार, श्रवण कुमार, विनोद, विपिन, मंगतराम और अमीलाल ने बताया कि अप्रैल माह के मध्य में ही गांव में बने दोनों अमृत सरोवरों का पानी सूख गया था। वहीं गांव बनगांव और धांगड़ में भी तालाब को पुनर्जीवित कर अमृत सरोवर बनाए गए हैं। इसके बाद अभी तक इन तालाबों में पानी नहीं डाला गया है। इन दिनों जिले में बने कई अमृत सरोवरों में बूंद भर भी पानी नहीं है। जिले में कुछ दिन पहले हुई बारिश से इन तालाबों में कुछ पानी संचय हुआ था, लेकिन अब फिर से तालाब सूखे पड़े हैं।
अमृत सरोवर बना दिए, पानी का कनेक्शन ही नहीं
गांव बनगांव के सरपंच प्रतिनिधि बलवान सिंह ने बताया कि गांव में दो अमृत सराेवर है, जिसमें से एक में नहर का पानी डलवा दिया है और दूसरा अमृत सरोवर 90 लाख की लागत से बना है, उसमें नहर के पानी का कनेक्शन तो है, लेकिन नहर से तालाब की दूरी ज्यादा होने के कारण पानी नहीं पहुंचता है। इसके लिए ग्राम पंचायत ने ग्रामीणों की 11 सदस्यों की कमेटी बनानी है। मैंने ग्रामीणों को सूचित किया था, लेकिन अभी तक कमेटी नहीं बन पाई है, जैसे ही कमेटी बनती है तालाब में पानी डलवा दिया जाएगा। इसके अलावा गांव अयाल्की के सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह ने बताया कि गांव अयाल्की में एक करोड़ रुपये की लागत से दो तालाबों को अमृत सरोवर बनाया गया है। इसमें से एक तालाब में शनिवार को पानी डालना शुरू कर दिया है और दूसरे तालाब में नहरी पानी का कनेक्शन नहीं है, जैसे ही कनेक्शन होगा, पानी डलवा दिया जाएगा।