जानकारी देते हुए मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र कुंडू
रतिया। किसानों द्वारा वीरवार को फतेहाबाद रोड पर उत्तर प्रदेश से मंगवाए गए चावल का ट्रक पकड़ने के मामले में नया मोड़ आ गया है। मार्केट कमेटी अधिकारियों ने ट्रक चालक द्वारा सौंपे गए बिल के आधार पर संबंधित राइस मिल की जांच की तो उक्त गांव में इस नाम की कोई राइस मिल नहीं पाई। साथ ही बिल पर गांव का नाम भी गलत दर्शाया गया था।
इसके बाद मार्केट कमेटी अधिकारियों ने इसकी सूचना जिला खाद्य आपूर्ति विभाग को दी। मगर खाद्य और आपूर्ति विभाग द्वारा इस मामले में खुद कार्रवाई करने की बजाय सेल टैक्स विभाग को कार्रवाई के लिए कहा गया है। अब मार्केट कमेटी द्वारा उक्त बिल की जांच के लिए सेल टैक्स विभाग को पत्र लिखा गया है। जानकारी के अनुसार भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ के कार्यकर्ताओं ने वीरवार देर शाम फतेहाबाद रोड पर तहसील कार्यालय के पास उत्तर प्रदेश से आए एक चावल के ट्रक को पकड़ा गया था। इसकी सूचना एसडीएम जगदीश चंद्र व मार्केट कमेटी के अधिकारियों को दी गई थी। इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ट्रक चालक से चावल के बिल कब्जे में ले लिए। ट्रक चालक ने अधिकारियों को बताया कि यह चावल उत्तर प्रदेश से आया है और गांव मेहमडा की एक राइस मिल में जाना है जिसके बाद जब मार्केट कमेटी के अधिकारी जांच के लिए उक्त गांव में पहुंचे तो उक्त गांव में संबंधित बिल के अनुसार कोई राइस मिल नहीं पाई गई जब बिल की जांच की गई तो बिल पर गांव का नाम भी गलत पाया गया।
यह बोले- मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू
मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र कुंडू ने बताया कि जो चावल का ट्रक किसानों द्वारा पकड़ा गया था। सूचना के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। ट्रक चालक ने चावल गांव मेहमड़ा के गुरुनानक राइस मिल में जाना बताया था। मगर जब कमेटी की टीम गांव में गई तो गांव में गुरु नानक राइस मिल नाम की कोई मिल नहीं पाई गई और उक्त बिल पर गांव का नाम भी गलत लिखा हुआ था। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के लिए जिला खाद्य आपूर्ति विभाग को लिखा गया था, लेकिन जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी द्वारा उन्हें सूचना दी गई है कि इस पर सेल्स टैक्स विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अब कार्रवाई के लिए सेल्स टैक्स विभाग को लिखा गया है। सेल टैक्स विभाग द्वारा जल्द ही इस बारे में कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।