फतेहाबाद। लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक बिजली मंत्री के सामने ही लगातार उपेक्षा की शिकार हो रही है। जन परिवाद समिति के सदस्यों का बैठक से मन भर गया है। इस बार मात्र चार सदस्य ही बैठक में पहुंचे। बाकी 14 सदस्य बैठक से नदारद रहे। सदस्यों ने मंत्री से यह भी कहा कि समिति की बैठक बुलाने से पहले उन्हें सदस्यों के साथ मंत्रणा करनी चाहिए। इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि रेस्ट हाउस में सदस्यों के साथ बैठक करेंगे।
बता दें कि बिजली रणजीत सिंह शुक्रवार को जिला पंचायत संसाधन केंद्र में लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक ले रहे थे। बैठक में कुल 18 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 9 निपटान कर दिया जबकि छह मामले लंबित रखे गए। तीन मामलों में जांच के आदेश जारी किए गए हैं। एक मामले में मंत्री रणजीत सिंह ने गांव खान मोहम्मद के सरपंच अजय कुमार द्वारा फर्जी राशन कार्ड बनाने और मनमर्जी से राशन वितरित करने की शिकायत की सुनवाई करते हुए जांच करने के आदेश दिए गए। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने सरपंच पर भी कब्जे के आरोप लगाए। इस पर मंत्री ने सरपंच के कार्यकाल की भी जांच करवाने के निर्देश दिए।
बैठक में विधायक दुड़ाराम, भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, डीसी प्रदीप कुमार, एसपी सुरेंद्र भोरिया, एसडीएम अनिल दूहन, सुभाष चंद्र, राजेश कुमार, सीटीएम सुरेश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी केंद्र की शिकायत करने वाला गांव में ही नहीं, एडीसी को सौंपी जांच
एक अन्य मामले में गांव भरपूर निवासी रोहताश ने शिकायत की कि आंगनबाड़ी वर्कर बच्चों को राशन नहीं बांटती हैं। इस पर महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता नाम का कोई व्यक्ति गांव में रहता ही नहीं है और शिकायत तथ्यों से परे हैं। इस पर बिजली मंत्री ने एडीसी को जांच सौंपते हुए कहा कि गांव भरपूर में पिछले छह माह में आंगनबाड़ी में बांटे गए राशन की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें। गांव खासा पठाना में शराब के ठेके स्कूल के पास होने की शिकायत रखी गई थी। इस पर बिजली मंत्री ने डीईटीसी को निर्देश दिए है कि शराब के ठेके पॉलिसी के अनुसार ही स्थापित किए जाएं। अब नए शराब के ठेके छूटे हैं तो विभाग यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल, स्कूल के पास ठेके न हों।
2020 में कार्रवाई के लिए लिखा, अभी तक कुछ नहीं हुआ
चंडीगढ़ निवासी नरेश गुप्ता ने शिकायत रखी कि उसकी दुकान मिलीभगत करके बेच दी गई और सहकारी समिति विभाग के अधिकारी इसमें मिले हुए है। इस पर मंत्री ने सहायक रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी से रिपोर्ट तलब की। उन्होंने बताया कि इस मामले में विभागीय जांच हुई है। कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की संलिप्तता प्रतीत होती है, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए 2020 में ही लिख दिया गया था। इस पर विधायक दुड़ाराम ने पूछा कि 2020 में कार्रवाई के लिए लिखा तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इस पर सहायक रजिस्ट्रार ने बताया कि कुछ और रिपोर्ट मांगी गई थी। बाकी मुख्यालय स्तर पर ही मामला लंबित हैं। मंत्री ने मुख्यालय में इस मामले को देख रहे अधिकारी को अगली बैठक में रिपोर्ट सहित आने के निर्देश दिए।
रतिया तहसील का बुरा हाल
ग्रीवेंस कमेटी के सदस्यों ने रतिया तहसील के हालातों को लेकर मंत्री के समक्ष नाराजगी जाहिर की। सदस्यों ने आरोप लगाया कि रतिया कार्यालय का बुरा हाल हो चुका है। एक रजिस्ट्री में 20 मिनट लगते हैं, लेकिन लोगों को पूरा दिन बैठा रहना पड़ता है। वहां कंप्यूटर सिस्टम भी ठीक नहीं है। पंजाब तक के लोग रजिस्ट्री करवाने आते हैं। हर रोज लोग परेशानी झेलते हैं।
जेल के दो प्रपोजल हुए नामंजूर, अब एक और पर हो रहा मंथन : मंत्री
बिजली एवं जेल मंत्री रणजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फतेहाबाद में जेल निर्माण की प्रक्रिया जारी है। सरकार को जगह से संबंधित दो प्रपोजल पहले भेजे गए थे, मगर वे जमीन के रेट ज्यादा होने के कारण नामंजूर हो गए। अब कम रेट का एक प्रपोजल मिला है, जिस पर मंथन चल रहा है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली संकट से निपट लिया गया है। अब बिजली व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। लोगों को निर्बाध बिजली मिलेगी। इसके लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है।