शमशान घाट को जाने वाले रास्ते के आगे धरने पर बैठे मायका पक्ष के लोगो को समझाते हुए एएसपी सिंगला
रतिया। गांव ढाणी बबनपुर में पारिवारिक कलह आत्महत्या करने वाली महिला तरनजीत कौर (40) का वीरवार को अंतिम संस्कार करने के दौरान ससुराल व मायका पक्ष में हाथापाई हो गई। इस पर गुस्साए लोगों ने फतेहाबाद-बुढ़लाडा स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर एएसपी दिव्यांशी सिंगला मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर बुढलाडा रोड रामबाग श्मशान घाट में दोनों पक्षों के कुछ लोगों की मौजूदगी में बेटे व भाई ने मृतका का अंतिम संस्कार किया।
गौरतलब है कि गांव बरे जिला मानसा निवासी तरनजीत कौर गांव ढाणी बबनपुर में विवाहित थी। आरोप है कि जेठ कुलदीप सिंह और जेठानी परविंदर कौर की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार शाम को नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर मायका और ससुराल पक्ष आपस में भिड़ गए।
वीरवार सुबह जब पुलिस प्रशासन ने शव को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की तो दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। जब मायका पक्ष के लोग तरनजीत कौर के शव को एम्बुलेंस में अपने गांव बरे, जिला मानसा में लेकर जाने लगे तो ससुराल पक्ष के लोगों ने एम्बुलेंस को घेर लिया और फतेहाबाद-बुढ़लाडा स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सूचना मिलने पर एएसपी दिव्यांशी सिंगला मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत करवाया। पुलिस की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार के लिए राम बाग श्मशान घाट में ले गए और वहां गेट को बंद करके मायके और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को अंदर बुलाकर मृतक महिला के बेटे व भाई अवतार द्वारा शव की अंतिम क्रिया करवाई गई।