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चुनाव प्रचार करने गए विधायक को दिखाए काले झंडे

Mon, 24 Mar 2014 12:17 AM IST
fatehabad
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उपमंडल के गांव भरपुर में चुनाव प्रचार करने गए विधायक जरनैल सिंह को गांववासियाें के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गांववासियों का गुस्सा इस कदर भड़का हुआ था कि उन्होंने विधायक को काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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 गांववासियों का आरोप था कि विधायक और सरपंच ने उनके गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं करवाया। उन लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करवाई गई। रविवार को सांसद अशोक तंवर को भी प्रचार के लिए इस गांव में आना था, लेकिन उन्हें किसी जरूरी काम के लिए सिरसा वापिस जाना पड़ा और विधायक अकेले ही प्रचार के लिए पहुंचे।

 गांववासियों ने पूर्व की प्लानिंग के तहत सांसद को काले झंडे दिखाने थे। विधायक के ही पहुंचने पर उन्हें ही ग्रामीणों का गुस्सा झेलना पड़ा।
ग्रामीण धर्मपाल जांगड़ा, दलवीर, भीम भाम्भू, सहावदीन, सलीम, भूप सिंह, लीलू पुनिया, सरेश कुमार, भजन लाल जांगड़ा आदि ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की घोषणा के बाद गांव से बाहर पीने के पानी के लिए करीब पौने दो करोड़ रुपये की लागत से नए वाटर वर्क्स का निर्माण किया गया और गांव में पानी पहुंचाने के लिए वाटर वर्क्स से गांव तक भूमिगत पाइप लाइन भी डाली गई थी।
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इससे गांव को पानी मिलना था, लेकिन सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर पानी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। गांववासियों का कहना है कि उनके घराें में कई दिनों से पानी नहीं आ रहा। उन्हें गांव से बाहर लगे ट्यूबवेलों से पानी लेकर आना पड़ता है। गांव में वाटर वर्क्स होने का बावजूद पूरे गांव को पानी की सप्लाई नहीं मिल रही।


गांववासियाें ने कहा कि उन्होंने सरपंच से इस मामले में बात की तो सरपंच ने गांव के विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। क्षुब्ध गांववासियों को जब विधायक के गांव में आने का समाचार मिला तो गांववासी विरोधस्वरूप नारेबाजी करने लगे और विधायक को काले झंडे दिखाए।

 विधायक जरनैल सिंह कांग्रेस के प्रत्याक्षी अशोक तंवर के चुनाव प्रचार के लिए गांव भरपुर पहुंचे थे। विरोध के बीच विधायक जरनैल सिंह ने गांववासियों को सारे मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। विधायक ने चुनावों के बाद उनके गांव की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

वहीं गांव के सरपंच दरिया सिंह ने कहा कि मैंने गांव में पूरा विकास करवाया है। जिन लोगों ने विरोध किया है, वो विपक्षी गुट के हैं। यह मामला राजनीति से प्रेरित था।
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