जिले के गोरखपुर गांव में बनने वाले परमाणु संयंत्र को पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हाल ही में दी गई पर्यावरण मंजूरी के खिलाफ दायर याचिका पर राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्युनल में शुक्रवार को सुनवाई हुई।
ट्रिब्युनल के न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली मुख्य बेंच ने इसकी सुनवाई की। जिसके बाद बेंच ने अगली सुनवाई की तिथि 25 अप्रैल निर्धारित की है।
जीव रक्षा बिश्नोई सभा के सदस्य याचिकाकर्ता विनोद कड़वासरा ने बताया कि सुनवाई में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से वकील विवेक चीब व आशीफ अहमद न्यूक्लियर पॉवर कारपोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से वकील सुमित गोयल मुख्य वन्य जीव संरक्षक हरियाणा क्षेत्रिय निदेशक नॉर्थ जोन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय व सचिव सिंचाई विभाग हरियाणा सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा व वकील विनीत मलिक पेश हुए। सभी प्रतिवादी नोटिस का जवाब नहीं दे पाए और इसके लिए समय मांगा।
एनपीसीआईएल ने खंडपीठ को बताया कि अभी तक उन्हें वन्य जीव दृष्टिकोण से मंजूरी नहीं मिली है और वन्य जीव संरक्षण योजना भी प्रमाणित होनी बाकी है, इसलिए वे अभी कोई निर्माण कार्य नहीं करेंगे।
ट्रिब्युनल की पांच सदस्यीय खंडपीठ के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार न्यायमूर्ति यूडी साल्वी, न्यायिक सदस्य डॉ देवेंद्र कुमार अग्रवाल, विशेषज्ञ सदस्य श्री विक्रम सिंह साजवान. विशेषज्ञ सदस्य डॉ आर सी त्रिवेदी, विशेषज्ञ सदस्य ने दो सप्ताह का समय देते हुए प्रतिवादियों को याचिकाकर्ता के वकील को जवाब देने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।