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बढ़ती गर्मी में फैलने लगा डायरिया का प्रकोप

Fri, 06 Jun 2014 11:31 PM IST
fatehabad
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गांव ढ़िगसरा, ढ़ाणी छत्तरियां, भिरड़ाना, नकटा, रजांबाद, भूथन माजरा आदि  गांवों में हर दूसरे घर में कोई ना कोई डायरिया से ग्रस्त मिल रहा है। वहीं फतेहाबाद शहर में भी यही स्थिति देखने को मिल रही हैं अशोक नगर, गुरुनानकपुरा, स्वामी नगर, अप्पूनगर, जैसे वार्ड के प्रत्येक घर का कोई ना कोई मरीज उल्टी-दस्त से ग्रस्त डायरिया के लक्षण लिए हुए देखा जा सकता है। जांडवाला के विनोद, महिपाल, दिनेश, महाबीर ने बताया कि वह 4 दिन से उल्टी-दस्त की बीमारी से ग्रस्त हैं। इसी तरह नकटा के हरपाल, रामकृष्ण, ढ़ाणी छत्तरियां के प्रमोद, दयावंती व रजांबाद के सुनील, गीता व फूलां देवी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गांव में लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। इनका मानना है कि बढ़ती गर्मी व गांव में सप्लाई हो रहे दूषित पेयजल के कारण उन्हें दस्त व उल्टियां होना शुरू हुआ हैं।
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नीम हकीमों की शरण में लोग
 इस बीमारी से ग्रस्त ज्यादातर लोग गांव के ही आरएमपी व नीम हकीमों के पास भर्ती होकर अपना इलाज करवा रहे हैं। दो दिन की दवाई लेने के बाद जब ठीक नहीं होते तो यह लोग रतिया व फतेहाबाद में आने को मजबूर हो रहे हैं। यहां सामान्य अस्पताल में प्रति दिन 20-25 लोग इलाज के लिए आ रहे हैं। करीब 20 लोग यहां भर्ती हैं। निजी अस्पतालों की बात करें तो यहां भी डायरियां के मरीजों की कोई कमी नहीं है। निजी चिकित्सकों  के अनुसार उनके अस्पतालों में रोजाना 20-25 मरीज उल्टी और दस्त से ग्रस्त होकर आते हैं। जिसमें ज्यादातर डायरिया के लक्षण पाये जाते है। कुछ लोग दवाई लेकर चले जाते है तो कुछ लोग अस्पतालों में भर्ती होकर अपना इलाज करवाते हैं।


खान-पान में लापरवाही हैं कारण
चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में लू लगने के कारण दस्त लग जाते हैं। गले-सड़े फल खाने और दूषित पानी से भी डायरिया हो जाता है।  अधिकांश चिकित्सकों का कहना है कि गांव व शहर में पेयजल दूषित सप्लाई हो रहा है। जिस कारण लोगों को पेट की बीमारी लग जाती है। अभी तो यह गर्मी की शुरूआत है। थोड़ी सी बरसात के बाद इसका प्रकोप और बढ़ेगा। जयपुर बच्चों के अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पवन मेहता ने बताया कि ओपीडी से 25-30 मरीज अपना इलाज करवाने के लिए उनके अस्पताल में इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। डायरिया ने सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को अपनी चपेट में ले रखा है।
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एक निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. समीर ने बताया कि वह हर रोज 20-25 बच्चे डायरिया से ग्रस्त मिल रहे है। उनके अस्पताल में डायरिया से ग्रस्त कई बच्चे भर्ती है और कई बच्चों का नियमित इलाज चल रहा है। सामान्य अस्पताल के बाल रोग डॉ. विशेषज्ञ आरसी गोयल ने बताया कि उनके पास भी रोजाना लोग डायरिया से ग्रस्त ही आ रहे हैं जिसमें उल्टी और दस्त की शिकायत पाई जा रही है। उनका कहना है। बढ़ती गर्मी, दूषित पानी और खान-पान में साफ-सफाई ना होने के कारण लोग इस बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं।

 डा. लक्ष्मी गोस्वामी ने बताया कि उनके पास रोजाना 10-15 मरीज आते है जिनमें डायरिया से ग्रस्त केस ज्यादा पाए जाते हैं। कई मरीज तो अभी भी उनके अस्पताल में भर्ती हैं। जिनका इलाज चल रहा है।

क्या कहते हैं सीमएओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सूरजभान कंबोज ने बताया कि गांव में ईएनएम व आशा वर्कर की ड्यूटी लगाई जा रही है जो घर-घर जाकर डायरिया से पीड़ित लोगाें का पता लगाएंगी व पानी इत्यादि के सैंपल लेकर उन्हें रिपोर्ट करेंगे। वह इसकी जानकारी जनस्वास्थ्य विभाग को देंगे।



क्या कहते है एक्सईएन
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह के अनुसार जलघरों में क्लोरीन को गोलियां डालने का काम शुरू हो गया है। लोगों को स्वयं भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने माना की मिक्सिंग के कारण ही ऐसी बीमारियां पनपती हैं।   
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रखे ये सावधानियां -
जयपुर बच्चों का अस्पताल के चिकित्सक  पवन मेहता ने बताया कि दस्त लगने पर बच्चों को अधिक ओआरएस के साथ उबला किया हुआ पानी ठंडाकर पिलाना चाहिए।
1. नींबू पानी का सेवन अवश्य करें।
2. दस्त में ग्लूकोज ना लगवाएं।
3. साफ-सफाई रखें, कटे व खराब फल ना खाए।
4. साफ पानी का प्रयोग करें।
5. दूषित एवं रात के शेष रखे भोजन को खाने से परहेज करें।
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