फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को एनक्वास के लिए आवेदन कर दिया है। अब एनक्वास प्रमाणपत्र के लिए अस्पताल मानकों पर कितना खरा है इसका मूल्यांकन स्वास्थ्य विभाग करेगा।
अस्पताल प्रशासन ने खुद 80 स्कोर के साथ आवेदन किया है। आवेदन के लिए कम से कम 70 का स्कोर होना जरूरी था। अस्पताल प्रशासन पिछले करीब तीन माह से आवेदन करने के लिए तैयारियों में जुटा था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्कोर बढ़ सकता था लेकिन दो महत्वपूर्ण सुविधाएं न होने के कारण नंबर नहीं बढ़ पाए हैं।
स्वास्थ्य विभाग अब पहले आंतरिक मूल्यांकन करवाएगा। इसमें जिलास्तर की टीम अस्पताल में व्यवस्था जांचेगी और नंबर देगी। अगर स्कोर 70 से ज्यादा रहता है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम दूसरे जिले की टीम को मूल्यांकन के लिए भेजेगी। अगर यहां भी अस्पताल शर्तों पर खरा उतरता है तो दूसरे राज्य की टीम आकर मूल्यांकन करेगी। दूसरे राज्य का मूल्यांकन ही तय करेगा कि अस्पताल एनक्वास प्रमाणपत्र की शर्तों पर खरा उतरा है। अगर अस्पताल को एनक्वास प्रमाणपत्र मिल जाता है तो अतिरिक्त बजट जारी होगा।
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अस्पताल में नहीं शिशु रोग वार्ड, बढ़ नहीं पाए नंबर
एनक्वास प्रमाणपत्र के लिए अस्पताल में शिशु रोग वार्ड होना जरूरी है लेकिन ये सुविधा नागरिक अस्पताल में नहीं है। शिशुओं के लिए नर्सरी है लेकिन वार्ड नहीं है, इसके अलावा न ही अलग से स्टाफ की नियुक्ति की गई है।
- बठिंडा से आई टीम ने किया था निरीक्षण, स्कोर मिला था कम
नागरिक अस्पताल का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) के तहत मार्च माह में पहली बार आंतरिक मूल्यांकन हुआ था। बठिंडा से आए एसएमओ डॉ. उमेश गुप्ता ने टीम के साथ निरीक्षण किया था। टीम के मूल्यांकन में अस्पताल मानक स्कोर तक नहीं पहुंच पाया था। इस दौरान स्कोर 61 ही रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. रत्ना भारती ने भी मूल्यांकन किया और 30 जून तक आवेदन करने के निर्देश दिए थे।
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नागरिक अस्पताल की 42 साल पुरानी है इमारत
नागरिक अस्पताल की इमारत करीब 42 साल पुरानी है। ये भी एक वजह है कि अस्पताल एनक्वास की शर्तों को पूरा नहीं कर पाया है। भवन भी 50 बेड के हिसाब से बना है जबकि यहां सुविधा 100 बेड की है।
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नागरिक अस्पताल प्रशासन ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत आवेदन कर दिया है। अस्पताल की तरफ से 80 स्कोर के साथ आवेदन किया गया है। उम्मीद है अस्पताल को प्रमाणपत्र जारी होगा।
- डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।