साढ़े चार साल से कागजों में लटक रहे कचरा प्रबंधन प्लांट की उम्मीदों को एक बार फिर से पंख लगे हैं। लगभग चार माह बाद नगर परिषद प्रशासन ने एक बार फिर भूना कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए टेंडर जारी कर दिया है। नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार इस बार टेंडर अक्तूबर माह में खुलेगा, ऐसे में तब तक आचार संहिता का भी इस पर कोई असर नहीं रहेगा। आपको बता दें कि साढ़े चार सालों में ये चौथी बार कचरा प्रबंधन प्लांट का टेंडर नगर परिषद प्रशासन ने जारी किया है। हर बार एक ही कंपनी दिल्ली की एमएसडबल्यू सॉल्यूशन कंपनी ने इसके लिए आवेदन किया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार भी वही कंपनी इस प्लांट के लिए आवेदन भेज सकती है। माना जा रहा है कि किसी और कंपनी के न आने की सूरत में इस बार सरकार भूना कचरा प्रबंधन प्लांट का काम उसी कंपनी को दे सकती है।
इस साल फरवरी में दिया गया था टेंडर, वर्क आर्डर से पहले ही कर दिया गया रद्द
पिछली बार इसी साल फरवरी माह में नगर परिषद प्रशासन ने दिल्ली की एमएसडबल्यू सॉल्यूशन कंपनी को भूना कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए टेंडर जारी कर दिया था। मार्च में इससे पहले की वर्क आर्डर अलॉट हो पाता, लोकसभा चुनावों से ऐन पहले बिना कोई कारण बताए प्रदेश सरकार ने इस कंपनी को दिया गया आर्डर रद्द कर दिया। दिल्ली की एमएसडबल्यू सॉल्यूशन कंपनी ने इस पूरे प्लांट के लिए उन्होंने 46 करोड़ रुपये की बोली दी थी। माना जा रहा है कि उक्त कंपनी इस बार भी इतनी राशि का ही टेंडर आवेदन कर सकती है।
भूना प्लांट में बननी है कंपोस्ट खाद, किसानों को बेचा जाना है प्रस्तावित
फरवरी माह में जब एमएसडबल्यू सॉल्यूशन कंपनी को भूना कचरा प्रबंधन प्लांट के निर्माण का टेंडर मिला था तो कंपनी ने साथ ही में इस प्लांट में कंपोस्ट खाद बनाने के लिए शहर से कचरा उठाने के लिए भी बोली दी थी। उस वक्त कंपनी ने 3204 रुपये प्रति टन की दर से कचरा उठाने की बोली दी थी। चूंकि उस समय मुख्य टेंडर ही खारिज कर दिया गया था तो साथ ही डोर टू डोर कचरा उठाने का टेंडर भी रद्द माना गया था। अब इस व्यवस्था पर भी नजर रहेगी कि आखिर क्या अब नगर परिषद इसी कंपनी को डोर टू डोर कचरा उठाने का काम सौंपेगी या नहीं, क्योंकि अब नगर परिषद की गाड़ियां खुद कचरा उठवा रही हैं और कलेक्शन भी शुरू कर दी गई है।
6 शहरों के कचरे का होना है प्रबंधन, सीएम पुरानी घोषणा है जिले में
भूना में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन प्लांट का ऐलान लगभग साढ़े चार वर्ष पूर्व सीएम मनोहर लाल ने किया था। इसे मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल की फतेहाबाद में सबसे पुरानी घोषणा माना जा सकता है। इस प्लांट में फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, जाखल, भट्टू और उकलाना सहित 6 शहरों से इकट्ठा होने वाले कचरे का प्रबंधन किया जाना था। जिला प्रशासन के अनुसार इस कचरा प्रबंधन प्लांट में रोजाना डेढ़ सौ टन कचरे का निष्पादन होना प्रस्तावित है।
भूना कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए एक बार फिर से टेंडर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस बार टेंडर अक्तूबर माह में खोले जाएंगे जिसके कारण चुनाव आचार संहिता का समय भी निकल चुका होगा। हमारी कोशिश रहेगी कि इस बार इस प्रक्रिया को सिरे चढ़ाकर जल्द से जल्द भूना कचरा प्रबंधन प्लांट का काम शुरू कर दिया जाए।
-कुमार सौरभ, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन, नगर परिषद फतेहाबाद ।