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बिगड़ती दिनचर्या से युवाओं का दिल होने लगा कमजोर

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नागरिक अस्पताल में ओपीडी के लिए पर्ची कटवाते हुए मरीज। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। भागदौड़ भरी जिंदगी में बिगड़ी जीवनशैली, गलत खानपान, टेंशन, बढ़ता मोटापा से दिल की बीमारियां बढ़ने लगी है। पहले हृदय संबंधित रोग के लक्षण 45 आयु वर्ग से ज्यादा में आते थे लेकिन अब 30 साल के युवा भी चपेट में आने लगे हैं।
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यहां तक कि हृदय रोग से युवाओं की मौत भी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि संतुलित खानपान और नियमित व्यायाम से दिल का स्वस्थ रखा जा सकता है। रोजाना कम से कम 15 मिनट व्यायाम जरूर करना चाहिए। इसके अलावा पैदल जितना हो सके चलना चाहिए।
बता दें कि नागरिक अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है लेकिन फीजिशियन की ओपीडी में आने वाले मरीज जब लक्षण बताते हैं तो शुरूआती जांच में हृदयरोग की आशंका होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों की माने तो कुल ओपीडी में 20 फीसदी मरीज हृदय बीमारी से संबंधित आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 80 से 100 तक मरीज आ रहे हैं। इसमें 25 से 30 फीसदी युवा होते हैं।
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दिल की बीमारी से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञ डॉ. अंशुल सहगल का कहना है कि अधिक तनाव लेने वाले लोगों में दिल के रोग का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तनाव कम करें। मधुमेह को नियंत्रित रखने का प्रयास करें। मोटापे पर कंट्रोल जरूरी है। पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है।
कोट
गलत खानपान, बिगड़ी जीवनशैली के कारण हृदय रोग बढ़ रहा है। युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। दिल को स्वस्थ रखने के लिए आहार में ताजे फल, सब्जियों और साबुत अनाज का मात्रा बढ़ाएं। शराब व धूम्रपान से दूरी जरूरी है। बहुत अधिक शराब पीने से रक्तचाप बढ़ सकता है। धूम्रपान से भी रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है। अगर किसी में दिल की बीमारी से संबंधित लक्षण है तो नियमित जांच भी जरूरी है।
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-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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