फतेहाबाद। ऑल सफाई कामगार संयुक्त संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर जिला फतेहाबाद में महर्षि गुरु वाल्मीकि के प्रकट दिवस पर सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद प्रांगण मे विचार गोष्ठी की। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला वरिष्ठ उपप्रधान ओम प्रकाश लोट व ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से की।
मंच का संचालन नगर पालिका कर्मचारी संघ जिला सचिव विजय ढाका व सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान बेगराज ने किया
विचार गोष्ठी से पहले महर्षि वाल्मीकि स्वामी पर पुष्प माला अर्पित कर चरणों में नमन किया। विचार गोष्ठी में रमेश तोशामड़, विनोद कुमार व पूनम चन्द रत्ती ने कहा कि सरकार वाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर कार्यक्रम करके सफाई कर्मचारियों के उद्धार की बात करती है लेकिन वास्तव में सरकार प्रदेश के सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है। सरकार जो प्रगट दिवस के मंच से घोषणा करती हैउनको लागू नहीं करती है। नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस के मंच से प्रदेश के ग्रामीण कच्चे सफाई कर्मचारियों का वेतन 26 हजार व शहर के कच्चे सफाई कर्मचारियों का वेतन 27 हजार रूपये करने की घोषणा की जो आज तक पूरी नहीं हो पाई।
इसके बाद 11 जून को सिरसा में संत शिरोमणि कबीर दास जयंती पर 27000 रुपए की घोषणा को वापस लेते हुए 2100 वेतन में बढ़ोतरी करने की बात कही। 2 महीने बाद 2100 की बढ़ोतरी का पत्र जारी हुआ उसमें भी सरकार ने प्रदेश के सफाई कर्मचारियों के साथ भेदभाव करते हुए पालिका, परिषद, निगमों में रोल पर कर्मचारी हैं उनको 2100 रुपए देने का पत्र जारी किया बाकी प्रदेश में जो गांव का सफाई कर्मचारी है अन्य किसी भी विभाग में सफाई कर्मचारी है उनको इसमें शामिल नहीं किया गया।
इस दौरान नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तोशामड़, राज्य के पूर्व प्रधान पूनम चन्द रत्ती, उपप्रधान राजेश बागड़ी, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के राज्य महासचिव विनोद कुमार, वाल्मीकि सेवा समिति से ओम प्रकाश चड्ढा, अनूप डच, पवन रत्ती व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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