समैन। ग्रामीण क्षेत्र के विकास की आधारशिला माने जाने वाले शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में संसाधनों की कमी समैन गांव की प्रमुख समस्या है। एक ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक और फार्मासिस्ट विहीन है वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों तथा अन्य आवश्यक कर्मचारियों की कमी विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर डाल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें रोजमर्रा की अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सक का एक भी पद भरा नहीं है। फार्मेसी ऑफिसर का पद भी लंबे समय से रिक्त पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार बीमार लोगों को न तो नियमित चिकित्सकीय परामर्श मिल पाता है और न ही पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध होती हैं।
ऐसे में लोगों को उपचार के लिए टोहाना अथवा हिसार का रुख करना पड़ता है। टोहाना गांव से लगभग 12 किलोमीटर दूर है, जबकि हिसार की दूरी 65 किलोमीटर से अधिक है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सकों और एक फार्मेसी ऑफिसर का पद स्वीकृत है लेकिन तीनों पद करीब दो वर्षों से खाली हैं।
शिक्षा क्षेत्र की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। गांव में एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संचालित है जहां लड़के और लड़कियां कक्षा छठी से बारहवीं तक अध्ययन करते हैं। इसके अतिरिक्त तीन प्राथमिक विद्यालय भी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालयों में जेबीटी की कमी बनी हुई है। सफाई कर्मियों के अभाव से भी विद्यार्थियों और स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीण राजबीर सिंह, डॉ. धूप सिंह, साधा राम, कर्मबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, धीरा राम और श्यामबीर ने कहा कि गांव की आबादी और जरूरतों के अनुरूप शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी स्टाफ नियुक्त करने के साथ गांव में आईटीआई अथवा कॉलेज स्थापित करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का मानना है कि मजबूत शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं ही गांव के युवाओं तथा आमजन के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।
गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक न होने के कारण उन्हें उपचार के लिए टोहाना या हिसार जाना पड़ता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में समय पर दवाइयां भी नही मिल पाती। सरकार को इस तरफ ध्यान देते हुए स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति करनी चाहिए।
- सुरेंद्र सिंह,ग्रामीण।
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- गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की जल्द से जल्द स्थायी नियुक्ति होनी चाहिए। चिकित्सकों के अभाव में ग्रामीणों को इलाज के लिए शहरों का रुख करना पड़ता है। फार्मासिस्ट न होने से स्वास्थ्य केंद्र में कई बार दवाइयां भी सही से नहीं मिल पाती हैं।
- साधा राम शर्मा, ग्रामीण।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी के कारण उपचार के लिए टोहाना या हिसार जाना पड़ता है। ये दोनों शहर गांव से काफी दूर हैं। कई बार जल्द उपचार नहीं मिलने के कारण बीमार व्यक्ति की स्थिति गंभीर हो जाती है। यहां पर्याप्त स्टाफ होनी चाहिए।
- कर्मबीर सिंह, ग्रामीण।
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- गांव में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा का स्तर काफी बेहतर है। इस बार विद्यालय का 10वीं व 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम भी शानदार रहा है। गांव में युवाओं के लिए आईटीआई या बहुतकनीकी संस्थान और बनाया जाना चाहिए ताकि गांव समैन सहित आसपास के गांव के युवाओं को व्यावसायिक कोर्स करने का मौका मिल और वे रोजगार प्राप्त कर सफलता प्राप्त कर सकें।
- राजेश शर्मा, पीजीटी अध्यापक
-गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो पद स्थायी चिकित्सकों के व एक पद फार्मेसी ऑफिसर का है। तीनों ही पद लंबे समय से खाली हैं। केंद्र में बाकी स्टाफ पूरा है। मांग के हिसाब से केंद्र में दवाएं आ रही है। चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति के लिए वे विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवा चुके हैं।
- राजेश क्रांति,एसएमओ,जाखल सर्किल।