फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: मियावाकी तकनीक से वन विभाग 5 एकड़ पर करेगा पौधरोपण

Fri, 10 Jul 2026 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहाबाद। जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने एक मुहिम शुरू की है। अब जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मियावाकी पद्धति से सघन पौधरोपण किया जाएगा। इसका उद्देश्य कम समय में घने जंगल तैयार करना है। इस योजना के तहत वन विभाग ने ग्राम पंचायतों से सरकारी भूमि की मांग की है।
विज्ञापन

जहां भी यह जंगल विकसित होगा, वहां कम से कम पांच एकड़ भूमि अनिवार्य है। वन विभाग अगले चार वर्षों तक पौधों की देखभाल करेगा। वर्ष 2024 में गांव बनगांव में मियावाकी पद्धति का पहला प्रयोग हुआ था। वहां 20 हजार पौधे लगाए गए थे, जिससे अब एक घना जंगल बन गया है। इस सफलता के बाद पूरे जिले की ग्राम पंचायतों से जमीन मांगी गई है।
पंचायतों से 5 एकड़ जमीन की मांग : वन विभाग ने ग्राम पंचायतों से विवाद मुक्त सरकारी या पंचायती भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए न्यूनतम 5 एकड़ भूमि आवश्यक है। जमीन मिलने पर मिट्टी की जांच होगी और उसके अनुकूल पौधों की प्रजातियों का चयन किया जाएगा। इस तकनीक में पारंपरिक पौधरोपण के मुकाबले पौधे पास-पास लगाए जाते हैं, जिससे वे तेजी से बढ़ते हैं।
विज्ञापन

तीन वर्ष में जंगल का रूप : मियावाकी तकनीक से लगे पौधे तीन वर्ष में घने जंगल का रूप ले लेते हैं। वर्षा की बूंदों को सहेजकर पौधों का दस गुना विकास होता है। इनमें खाद, जल या नियमित रखरखाव की अधिक आवश्यकता नहीं पड़ती। इस तकनीक से कम जगह में औषधीय, छायादार और फलदार पौधे एक साथ लगाए जाते हैं। ये जंगल स्थानीय पक्षियों, तितलियों और छोटे जीवों के लिए प्राकृतिक आवास बनाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें