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Fatehabad News: विद्यार्थियों को अच्छी आदतों के बारे में बताया

Thu, 09 Jan 2025 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सतत विकास लक्ष्यों कार्यक्रम के तहत विद्या​र्थियों को खाना खाने से
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फतेहाबाद। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत जिले के सभी स्कूलों में सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए 6 महीने से चल रहा कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम डाइट मताना से एसडीजी कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रदीप लौरा की देखरेख में संपन्न हुआ।
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जिसमें विद्यार्थियों को अच्छी आदतों के बारे में जागरूक किया गया। अब दूसरे चरण का कार्यक्रम अप्रैल माह से शुरू होगा जिसमें 11 लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम को एससीईआरटी गुरुग्राम के विज्ञान विंग द्वारा डिजाइन किया गया। जो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु अति प्रभावकारी साबित होगा।

इसमें विद्यार्थियों और समुदाय को सतत विकास लक्ष्यों के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जाना प्रस्तावित है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रत्येक महीने के लिए विभिन्न गतिविधियां निर्धारित की गई थीं, जिनका उद्देश्य पर्यावरण, ऊर्जा, जल, खाद्य पदार्थों के व्यवहार, स्वच्छता और प्लास्टिक के उपयोग में सुधार करना था।
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- इस तरह से चला अभियान

1. डॉ. प्रदीप लौरा ने बताया कि यह कार्यक्रम जुलाई महीने से शुरू हुआ था। जुलाई में मेगा पौधरोपण अभियान चलाया गया। इस महीने का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। सभी स्कूलों ने घर-घर पौधरोपण दस्तक कार्यक्रम के तहत कम से कम एक पौधा हर परिवार में लगाने का संकल्प लिया।

2. अगस्त महीने का ध्यान खाद्य अपव्यय को कम करने पर था। विद्यार्थियों को प्लेट में उचित मात्रा में भोजन लेने और स्कूलों में मध्याह्न भोजन के अपव्यय का अनुमान लगाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, शाकाहारी आहार अपनाने और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के न्यूनतम उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।

3. सितंबर महीने का लक्ष्य ऊर्जा की बचत को बढ़ावा देना था। विद्यार्थियों को विद्युत उपकरण, बल्ब, पंखे आदि बंद करने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा, स्कूलों और घरों में ऊर्जा की बचत के लिए ऊर्जा ऑडिट किए गए और इसके लाभों पर सेमिनार और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।

4. कार्यक्रम के चौथे महीने अक्तूबर में सफाई और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित किया गया। छात्रों को व्यक्तिगत स्वच्छता और सामुदायिक स्वच्छता के महत्व को समझाने के लिए स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए। स्कूलों में सूखा और गीला कचरा अलग करने, कंपोस्ट पिट बनाने और स्वच्छता पर जागरूकता रैलियां निकाली गई।

5. नवंबर माह जल संरक्षण पर आधारित रहा। जल के महत्व को समझाने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें विद्यार्थियों को बताया गया कि अगर जल के संरक्षण की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में परेशानी झेलनी पड़ सकती है। जल के बिना कल की कल्पना ही नहीं की जा सकी।

6. दिसंबर माह में विद्यार्थियों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। प्लास्टिक के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों पर जानकारी देने के लिए सेमिनार और रैलियां आयोजित की गई। यह कार्यक्रम जिलेभर में छात्रों, शिक्षकों और समुदाय के बीच सतत विकास लक्ष्यों के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर ये कार्यक्रम चला है। जिसमें विद्यार्थियों को अच्छी आदतें बताई गई हैं। अगला चरण अप्रैल माह में शुरू होगा। जिसमें 11 लक्ष्यों को निर्धारित किया जाएगा। यह प्रयास पर्यावरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ावा देगा।
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- डॉ. प्रदीप लौरा, एसडीजी कोऑर्डिनेटर, डाइट मताना
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