फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल के एनक्वास (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) प्रमाण पत्र के लिए निरीक्षण के लिए टीम 20 और 21 नवंबर को आ सकती है। अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए 80 नंबरों के साथ 30 जून को आवेदन किया था। इसके बाद अब राज्य की टीम जांच करने के लिए आएगी।
इससे पहले एनक्वास के लिए तीन बार निरीक्षण हो चुका है और उसमें खामियां ढूंढी गई थी। नागरिक अस्पताल में चल रहा सुंदरीकरण कार्य प्रमाणपत्र में रोड़ा बन सकता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मुख्य अंक गुणवत्ता के है, बिल्डिंग के लिए 20 अंक तय किए गए हैं।
बुधवार को एसएमओ एवं कार्यकारी सीएमओ डॉ. बुधराम, डॉ. गुंजन बंसल और ईएनटी डॉ. जयप्रकाश ने अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने धोबी घाट पर व्यवस्था बनाने की योजना बनाई। यहां पर खाली जगह की सफाई करके कमरा तैयार होगा, जिसमें चद्दर व अन्य कपड़े रखे जाएंगे और उसका रिकॉर्ड भी होगा।
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बधाई ली तो होगी कार्रवाई
कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने कर्मचारियों की मीटिंग ली। इस दौरान सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के साथ व्यवहार अच्छा रखें। जच्चा-बच्चा वार्ड में अगर बधाई लेने की शिकायत मिली तो कार्रवाई के लिए तैयार हें। एनक्वास टीम इस बारे में मरीजों से भी फीडबैक लेगी।
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अस्पताल ने खुद दिए हैं 80 नंबर
एनक्वास प्रमाणपत्र के लिए अस्पताल प्रशासन ने खुद 80 स्कोर के साथ आवेदन किया हुआ है। आवेदन के लिए कम से कम 70 का स्कोर होना जरूरी था। करीब एक माह पहले रोहतक से आई टीम भी निरीक्षण कर चुकी है। अस्पताल एनक्वास प्रमाणपत्र की शर्तों पर खरा उतरा है। अगर अस्पताल को एनक्वास प्रमाणपत्र मिल जाता है तो अतिरिक्त बजट जारी होगा।
बठिंडा से आई टीम ने किया था निरीक्षण, स्कोर मिला था कम
नागरिक अस्पताल का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) के तहत इसी साल मार्च माह में पहली बार आंतरिक मूल्यांकन हुआ था। बठिंडा से आए एसएमओ डॉ. उमेश गुप्ता ने टीम के साथ निरीक्षण किया था। टीम के मूल्यांकन में अस्पताल मानक स्कोर तक नहीं पहुंच पाया था। इस दौरान स्कोर 61 ही रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. रत्ना भारती ने भी मूल्यांकन किया और 30 जून तक आवेदन करने के निर्देश दिए थे।
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एनक्वास प्रमाणपत्र के लिए अस्पताल ने आवेदन किया हुआ है। इसी के लिए राज्य की टीम 20 या 21 को आ सकती है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। उम्मीद है अस्पताल एनक्वास के मानकों पर खरा उतरेगा।
- डॉ. बुधराम, कार्यकारी सिविल सर्जन