फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर पिछले दो दिनों से गेहूं की आवक में तेजी है। रोजाना हजारों किसान अपनी गेहूं की उपज को लेकर अनाज मंडी में पहुंच रहे हैं। जिलाभर की अनाज मंडियों में सोमवार को ई-खरीद पोर्टल पूरी तरह ठप रहा। इसके विरोध में किसानों ने शहर की नई अनाज मंडी के गेट पर रोष प्रदर्शन किया और सरकार की डिजिटल प्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की।
गेहूं की कटाई में आई तेजी के कारण इन दिनों जिले की अनाज मंडियों में रोजाना लगभग 10 हजार किसान अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं। सोमवार सुबह जैसे ही आवक का दबाव बढ़ा तो ई-खरीद पोर्टल का सर्वर बंद हो गया। इस कारण किसानों के गेट पास जारी नहीं हो पाए और न ही बायोमेट्रिक हाजिरी लग सकी। ऐसे में मार्केट कमेटी को मैनुअल तरीके से गेट पास जारी करने पड़े। इससे पूरे दिन किसानों को परेशानी हुई।
जिले में हुई खरीद का आकंड़ा ( मीट्रिक टन में )
अनाज मंडी-आवक-खरीद-गेटपास- उठान
फतेहाबाद-34799.1-5639.0-5283-483.0
भट्टू-25727.9-1191.8-4584-260.0
भूना-695931-7872-9738-00
रतिया-615163-74630-8574-1985
टोहाना-527637-178455-7363-9482
जाखल-136956-7857- 2105-160
धारसूल-298998-43126-3969-00
बायोमेट्रिक प्रणाली का कड़ा विरोध
शहर की पुरानी अनाज मंडी में सोमवार को फसल लेकर पहुंचे किसान मनप्रीत सिंह, ज्ञानीराम, धीरज और श्याम लाल आदि ने बताया कि सरकार जानबूझकर पोर्टल और बायोमेट्रिक जैसी जटिल प्रणालियां थोप रही है। इस बार गेहूं के सीजन में दूसरी बार पोर्टल बंद हुआ है। सर्वर डाउन रहने से उनका समय बर्बाद हो रहा है। बायोमेट्रिक मशीनें कई बार किसानों के अंगूठे के निशान मैच नहीं करतीं। ऐसे में उनको सरकार व बायोमेट्रिक प्रणाली के खिलाफ के प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
मार्केट कमेटी ने अपनाई मैन्युअल प्रक्रिया
ई-खरीद पोर्टल के बंद होने से अनाज मंडी की स्थिति को बिगड़ता देख और किसानों के बढ़ते गुस्से को शांत करने के लिए मार्केट कमेटी ने उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर मैनुअल तरीके से गेट पास जारी करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, कागजी कार्रवाई में समय अधिक लगने के कारण शाम तक मंडियों के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लगी रही।
खेत छोड़कर यहां अनाज बेचने आए हैं लेकिन घंटों से पोर्टल चलने का इंतजार कर रहे हैं। अगर डिजिटल सिस्टम काम नहीं कर रहा, तो सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखनी चाहिए।
-अजीत सिंह, किसान।
पिछले एक घंटा से अपना ट्रैक्टर लेकर अनाज मंडी के बाहर गेट पास जारी होने का इंतजार रहा था। पता चला कि पोर्टल बंद गया है। ऐसे में मुझे मैन्युअल तरीके से पास जारी किया गया है।
-राजकुमार, किसान।
सरकार को बायोमेट्रिक प्रणाली को हटाना चाहिए। किसान अपने खेत की उपज लेकर पहुंच रहे है, लेकिन कभी फिंगर प्रिंट मैच नहीं होता तो कभी पोर्टल बंद हो जाता है। उनके काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
- राकेश कुमार, किसान।
:: तकनीकी टीम पोर्टल को सुचारू करने में जुटी है और जल्द स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। जब तक पोर्टल बंद रहता है तब तक मैनुअल तरीके से गेट पास जारी किए जाएंगे ताकि किसानों को परेशानी न हो।
-अमित रोहिल्ला, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।