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पीने के लायक नहीं है पानी

Tue, 02 Jun 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
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आप जो पानी पी रहे हैं, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि उसमें क्लोरीन की मात्रा इतनी कम है कि वह आपका स्वास्थ्य बिगाड़ सकती है। जिले के दो ऐसे गांवों में पानी के सैंपल ऐसे पाए गए जहां का पानी जहर के बराबर है। जिसे पीने से डायरिया सहित कई जानलेवा बीमारियां लग सकती है।
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इस बात का खुलासा स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट में हुआ है। विभाग के अनुसार 2015 में जनवरी माह से अब तक 2932 सैंपल लिए गए जिनमें 915 की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। इससे पहले वर्ष 2014 में विभाग ने 8333 सैंपल लिए थे जिसमें 2783 पानी के सैंपल की रिपोर्ट फेल आई। विभाग के अनुसार यह पानी पानी सेहत के लिए जहर से कम नहीं है।

शहर फतेहाबाद में सामान्य विभाग के चिकित्सकों ने टोहाना, भट्टू, भूना, रतिया, जाखल, कुलां व शिकायत वाले गांवों से पानी के नमूने लिए थे। सिरसा लैब में इन नमूनों की जांच की गई।
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जांच में पाया गया कि कई जगहों के पानी में क्लोरीन की मात्रा काफी कम तो कई क्षेत्रों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा काफी अधिक है। विभाग द्वारा फेल आए सैंपल की रिपोर्ट को जनस्वास्थ्य विभाग के पास भेज दिया गया है।

विभाग द्वारा ली गई रिपोर्ट जो आई नेगेटिव
माह               सैंपल                  पास                   फेल
जनवरी 2015   630                  460                    170
फरवरी           800                    522                  278
मार्च             813                   573                  240
अप्रैल            689                   462                  227
           

जनवरी 2015 से अप्रैल तक 2932 सैंपल लिए गए जिनमें 917 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इससे पहले वर्ष 2014 में विभाग ने 8333 सैंपल लिए थे जिनमें से 2783 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई।

कुलां और पिरथला में पानी पिया तो हो बीमार होना तय
स्वास्थ्य विभाग ने कुलां से 8 सैंपल लिए। आठ सैंपलों में से 2 सैंपल की रिपोर्ट फेल आई है। बैक्टीलोजिकल टेस्ट में पानी के सभी सैंपल लिए जाते हैं, जिसमें देखा जाता है कि पानी में किस तरह के कीटाणु हैं और पानी पीने लायक है या नहीं।

कुंला तथा पिरथला के दो सैंपलों की रिपोर्ट ऐसी आई हैं कि वहां का पानी पिया तो बीमार होना तय है। विभाग के अनुसार अगर कोई ऐसा पानी पीता है तो वह डायरिया तथा अन्य रोगों का शिकार हो सकता है।

फ्लोराइड की अधिक मात्रा हड्डियों को करती है कमजोर
फतेहाबाद क्षेत्र के कई जगहों पर ट्यूबवेलों से पानी की सप्लाई हो रही है। जिसमें फ्लोराइड की मात्रा काफी अधिक है। विभाग के अनुसार फ्लोराइड की अधिक मात्रा सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होती है।

मात्रा बढ़ने पर दांतो में पीलापन आ जाता है। साथ ही फास्फोरस की कमी के चलते हड्डियां कमजोर पड़ जाती है। इसकी अधिक मात्रा किडनी फेल होने का कारण भी बन सकती है। डाक्टरों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी को उबालकर ही पीना चाहिए।

जनस्वास्थ्य विभाग को भेजी रिपोर्ट
सीएमओ डा. सूरजभान कंबोज ने बताया कि कई क्षेत्रों में सैंपल लेने पर पता चला है कि पानी में क्लोरीन की कहीं कमी तो कहीं अधिकता है। कुंला तथा पिरथला के 8 सैंपल, जिसके बैक्टीलोजिकल लिए गए थे, उनमें से दो की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं।

इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को सूचित कर दिया गया है। जिसके बाद इन जगहों पर जाकर लीकेज को ठीक किया जाएगा।

पब्लिक हेल्थ तथा स्वास्थ्य विभाग में भी है ठनी
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार लोग खासकर स्लम एरिया में स्वयं कनेक्शन जोड़ लेते हैं या पानी की पाईप गल जाने के बावजूद नहीं बदलते।

इसी कारण घरों में गंदा पानी मिक्स होकर जाता है। साथ ही पब्लिक हेल्थ स्वास्थ्य विभाग द्वारा ली गई रिपोर्ट को ही गलत ठहराया जाता है। हेल्थ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पब्लिक हेल्थ के कर्मचारियों को भी सैंपल लेते वक्त ले जाया जाए क्.ोंकि उन्हें पता नहीं होता कि किस समय क्लोरीन की गोलियां डाली गई है।


क्लोरीन की गैस व ब्लीचिंग पाउडर डाला जा रहा है
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता दलबीर सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा हिसाब से क्लोरीन की गैस व ब्लीचिंग पाउडर डाला जा रहा है। ज्यादा क्लोरीन की गैस डालने से लोगों को शिकायत आती है कि पानी में बदबू आती है। इसलिए वह हिसाब से क्लोरीन की गैस डालते हैं। विभाग के पास क्लोरीन की गैस व ब्लीचिंग पाउडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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