प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र सरकार की तरफ से लोगों को अपना घर का सपना दिखाया गया। कागजों में कार्रवाई चलती रही लेकिन पांच साल बाद भी ये सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। हाउसिंग बोर्ड को राशि जमा करवाने के बाद सपना देख रहे लोगों को अब झटका दिया है। कब्जे के लिए हाउसिंग बोर्ड ने 10 फीसदी राशि लेने के बाद अब 15 फीसदी राशि और मांगी है। यानी की चयनित लोगों को 55 हजार रुपये जमा करवाने के बाद अब 90 हजार रुपये जमा करवाने होंगे, इसके बाद ही हाउसिंग बोर्ड फ्लैट का कब्जा देगा। इसकी पुष्टि खुद हाउसिंग बोर्ड के एस्टेट मैनेजर राजबीर सिंह ने की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों से आवेदन मांगे गए थे। इसके तहत वर्ष 2016 में लोगों ने फ्लैट के लिए आवेदन किया। योजना के तहत जिले के 1556 लोगों का चयन किया गया। हाउसिंग बोर्ड की तरफ से चयनित लाभार्थियों से फ्लैट की कुल राशि का 10 फीसदी ले लिया गया। लेकिन दो साल बाद लाभार्थियों को कब्जा नहीं दिया गया। अब हाउसिंग बोर्ड ने 15 फीसदी और राशि मांगी है। यानी की लाभार्थी को 90 हजार रुपये और हाउसिंग बोर्ड को देनी होगी। हाउसिंग बोर्ड इसके बाद ही कब्जा देगा।
1556 चयनित लाभार्थी 246 फ्लैट
हाउसिंग बोर्ड के मुताबिक जिले के 1556 लोगों को फ्लैट देने का सपना दिखाया गया। जबकि हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर सात में 246 फ्लैट ही हैं। इन फ्लैट का साइज 30 स्कवायर मीटर है। नप कार्यालय में हाउसिंग बोर्ड ने कब्जा के लिए 10 फीसदी राशि ली। इसके तहत फतेहाबाद शहर के 45 और रतिया के चार लाभार्थियों ने रुचि दिखाते हुए 10 फीसदी राशि जमा भी करवा दी। लेकिन दो साल बीतने के बाद न फ्लैट का कब्जा मिला है और न ही राशि वापस दी गई है।
लोन राशि पर मिलनी है सब्सिडी
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक लाभार्थियों को 25 फीसदी राशि जमा करवाने के बाद 75 फीसदी राशि का बैंक से लोन करवाना होगा। इस लोन राशि पर केंद्र सरकार की तरफ से सब्सिडी मिलेगी।
हाउसिंग बोर्ड की तरफ से पहले फ्लैट की कुल राशि में से 10 फीसदी जमा करवाया था लेकिन अब 15 फीसदी और जमा करवा होगा। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड की तरफ से कब्जा दे दिया जाएगा बाकी राशि बैंक लोन करके देगा।
- राजबीर सिंह, मैनेजर, हाउंसिग बोर्ड कार्यालय, हिसार।