शहर के हिसार रोड पर स्थित एक होटल में लगा चार्जिंग पॉइंट जिसे बंद कर दिया गया है। संवाद
फतेहाबाद। सब्सिडी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के चलते जिले में भी ई-वाहनों (दो पहिया और चार पहिया) की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन वाहनों को ऊर्जा देने वाला ढांचा अब भी कागजों और अधूरे प्रोजेक्ट्स में सिमटा हुआ है। शहर के पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग प्वाइंट तो नजर आते हैं लेकिन इनमें से अधिकांश अब तक चालू ही नहीं हो पाए हैं।
शहर व उसके आस-पास स्थित अधिकतर पेट्रोल पंपों पर तो चार्जिंग स्टेशन ही नहीं हैं। जिन पर लगे हुए हैं वे चालू नहीं है। वर्तमान में स्थिति यह है कि ये प्वाइंट केवल प्रदर्शन की वस्तु बनकर रह गए हैं। कई पंपों पर मशीनें तो लगी हैं लेकिन उनमें बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण वे चालू नहीं हो सकी हैं। वाहन चालकों का कहना है कि वे पंप पर जाते हैं तो वहां मौजूद कर्मचारी बोलते है कि प्वाइंट नहीं चल रहा है।
निजी कंपनियों ने भी खींचे हाथ
हिसार रोड पर स्थित एक होटल के बाहर निजी कंपनी की ओर से चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए थे। शुरुआत में कुछ दिन तो ये चले लेकिन अब वहां पर ये नहीं है। पता चला है कि जहां पर चार्जिंग प्वाइंट लगा हुआ था वहां काफी कम लोग अपने चार पहिया वाहनों को चार्ज करते हैं। हो सकता है इस कारण कंपनी ने इसे बंद कर दिया हाे। शहर के एक्सिस बैंक परिसर में भी एक कंपनी की ओर से चार्जिंग प्वाइंट लगाया हुआ है। वहां पर समस्या यह है कि सुबह 10 बजे के बाद परिसर का गेट खुलता है और शाम 5 बजे के बाद मेन गेट बंद हो जाता है। इस कारण इस चार्जिंग प्वाइंट पर न के बराबर वाहन आते हैं।
वाहन चालकों की बढ़ती मुश्किलें
शहर में ई-वाहन चलाने वाले मुकुल, चिराग, देवेंद्र, सुमित, सुरेंद्र आदि का कहना है शहर के पेट्राेल पंपों पर चार्जिंग प्वाइंट नहीं होने के कारण उन्हें अपने वाहनों को घर में ही चार्ज लगाना पड़ता है। घरों में चार्ज लगाने पर एक गाड़ी को चार्ज होने में औसत करीब दो से तीन घंटे लग जाते है। अगर उन्हें घर पर गाड़ी को जल्दी चार्ज करना है तो पहले उन्हें बिजली निगम से थ्री फेस का कनेक्शन लेना होगा। यह काफी महंगा है। वहीं अगर कोई व्यक्ति बाहर से फतेहाबाद में अपनी ई-गाड़ी लेकर आता है तो उसके पास कोई विकल्प नहीं है।