फतेहाबाद। शहर के रतिया रोड पर केपी पेट्रोल पंप पर दो पहिया वाहनों में तेल डलवाते लोग। संवाद
फतेहाबाद। पश्चिमी एशिया में युद्ध की स्थिति का असर अब एलपीजी के बाद तेल पर भी नजर आने लगा। दूसरे दिन शुक्रवार को भी सुबह पंपों पर तेल डलवाने के लिए लोगों की भीड़ रही। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को आना पड़ा।
फतेहाबाद और टोहाना में वीरवार को लगी लंबी लाइनों के चलते कई पंप ड्राई हो गए। इसके अलावा कई पंपों पर सिर्फ डीजल ही दिया गया। पंपों पर लग रही भीड़ के चलते जिला प्रशासन ने शुक्रवार को पंप संचालकों और कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें पंप संचालकों को निर्देश दिए गए है कि ड्रम और टैंकर में डीजल नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा पंपों को 25 फीसदी स्टॉक आपातकाल स्थिति के लिए रखना होगा। उपायुक्त डॉ. विवेक भारती और एसपी सिद्धांत जैन ने भी अधिकारियों के साथ बैठक करके निर्देश जारी किए हैं।
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पंपों पर सुबह लगी भीड़, दुपहिया वाहन लेकर पहुंचे लोग
शहर के पंपों पर सुबह से ही पेट्रोल और डीजल लेने के लिए लाइन लगनी शुरू हो गई। फतेहाबाद के भट्टू रोड स्थित बत्रा पेट्रोल पंप पर दोपहर तक लाइन लगी रही। सिरसा रोड पर स्थित खुशीराम परमानंद पंप पर पुलिस की मौजूदगी में पेट्रोल और डीजल दिया गया। मांझू पेट्रोल पंप पर सिर्फ डीजल की सप्लाई दी गई, यहां पर पेट्रोल लेने के लिए वीरवार को दिनभर लाइन लगी रही थी। रतिया रोड पर केपी पेट्रो पर दुपहिया वाहनों के चालकों को सिर्फ 100 रुपये का ही तेल दिया गया। सिरसा रोड पर इंदोरा फीलिंग स्टेशन पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई नहीं मिली। टोहाना में भी तीन पंप ड्राई हो गए।
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पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। लोग बेवजह पैनिक ले रहे हैं। शुक्रवार को पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि टैंकर या फिर ड्रम में तेल न दें। अगर कोई देता है तो कार्रवाई की जाएगी। लोगों को भी चाहिए वह बेवजह स्टॉक न करें।
-कुशल पाल बूरा, डीएफएससी