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अफसर मनमर्जी से निपटा रहे सीएम विंडो की शिकायत

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गांव भूथनकलां के रूलीराम द्वारा सीएम विंडो पर दी गई शिकायत को दफ्तर दाखिल करने की सिफारिश रिपोर्? - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। सीएम मनोहर लाल के आदेश के बावजूद सीएम विंडो पर मिल रही शिकायतों को मनमर्जी से निपटाने की कोशिशें करने से अधिकारी बाज नहीं आ रहे। ऐसी ही कोशिश का एक ताजा मामला जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़ा हुआ सामने आया है। गांव भूथनकलां में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाए गए वॉटर वर्क्स और पीने के पानी पाइपलाइन के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों की जांच से जुड़ी शिकायत को अफसरों ने बंद करने की सिफारिश भेज दी।
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हालांकि इस शिकायत को निपटाने में न तो शिकायतकर्ता को बताया गया और न ही जांच शुरू हुई। फिलहाल शिकायतकर्ता ने उच्चाधिकारियों को इस संबंध में शिकायत को दफ्तर दाखिल करने न करके कार्रवाई करने की मांग की है। गांव भूूथनकलां के शिकायतकर्ता रूलीराम ने बताया कि काफी समय से वे गांव में वॉटर वर्क्स और पाइपलाइन निर्माण में हुई गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद शिकायत पर झूठी रिपोर्ट बनाकर इसे खारिज करवाने का प्रयास किया। लेकिन फिर से शिकायत दी गई और मामला फिर से खुला। इसके बाद दोबारा से शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई को जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। लेकिन कमेटी के गठन करके जांच शुरू करने की जानकारी के साथ शिकायत को दफ्तर दाखिल करने की सिफारिश भी भेज दी। जबकि शिकायत पर बनाई गई कमेटी ने जांच भी शुरू नहीं की। रूलीराम का आरोप है कि सीएम विंडो पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को अफसर अपनी मर्जी से रिपोर्ट बनाकर बिना शिकायतकर्ता की जानकारी के दफ्तर दाखिल करवाने का प्रयास कर रहे हैं जबकि ये गलत है। ऐसी ही नाराजगी शहर फतेहाबाद निवासी विकास उतरेजा भी रखते हैं। विकास उतरेजा सोशल प्ल्टेफार्म पर सीएम विंडो की शिकायत पर उचित कार्रवाई न होने को लेकर सीएमओ कार्यालय से लेकर तमाम अधिकारियों को लिखित में अपनी आपत्ति दर्ज करवा चुके हैं।
सीएम ने दिए थे विशेष आदेश
सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों को अफसरों द्वारा अपनी मनमर्जी से निपटाने के बढ़ते मामलों पर सीएम मनोहर लाल ने संज्ञान लेकर आदेश जारी किए थे कि किसी भी शिकायत को संबंधित विभाग के अधिकारी मौका पर जाकर कार्रवाई करके निपटाएंगे। शिकायतकर्ता को भी मौका पर बुलाकर उनकी शिकायत के संबंध में निवारण के प्रयास अफसर करेंगे।
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जांच के लिए दस्तावेज तक नहीं दे रहे
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 10 फरवरी को उन्होंने जांच कमेटी के एसडीओ दीपक कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि कमेटी की ओर से बार-बार पहले जांच करने वाले अधिकारियों को नोटिस पत्र लिखा गया है लेकिन फाइल कमेटी को नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अभी तक वे जांच शुरू नहीं कर पाएं हैं।
कोट
कोई भी अफसर अपनी मनमर्जी नहीं कर सकता : सीटीएम
सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायत के निवारण बिना उसके शिकायत को दफ्तर दाखिल करने की मनमर्जी कोई भी अफसर नहीं कर सकता। अगर ऐसा किसी मामले में हुआ है तो उसे संज्ञान में लेकर चेक किया जाएगा। यदि शिकायत के संबंध में किसी भी विभागीय अधिकारी की कोई लापरवाही या गलत मंशा पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
-सतीश कुमार, सीटीएम, फतेहाबाद।
फाइल के लिए बार-बार लिख चुका हूं पत्र : एसडीओ
गांव भूथनकलां में वॉटर वर्क्स व पाइपलाइन निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत के संबंध में बनाई गई कमेटी में मुझे और मेरे साथ दो जेई को शामिल किया गया है। जांच शुरू करने के लिए मेरे द्वारा पूर्व में जांच कर रहे अधिकारी से फाइल मांगी है और इसके लिए बार-बार पत्र लिखा गया है। लेकिन अभी तक मुझे फाइल नहीं मिली है जिस कारण से जांच शुरू नहीं हो पाई है।
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-दीपक कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।
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