फतेहाबाद। किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए रिलायंस बीमा कंपनी ने रबी फसलों का बीमा प्रीमियम काटना शुरू कर दिया है। बीमा प्रीमियम काटने की प्रक्रिया 20 नवंबर से जारी है और इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक जारी रहेगी। किसान इस अवधि के दौरान, रबी की मुख्य फसलों का बीमा करवा सकते हैं।
अब तक फतेहाबाद और रतिया खंड के 241 किसानों ने 512 हेक्टेयर कृषि भूमि का बीमा प्रीमियम जमा करवाया है। जिले में खरीफ सीजन में फसलों में हुए नुकसान के बाद इस बार फसल बीमा के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। ऐसे में इस बार बीमा प्रीमियम की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। बीमा पॉलिसी मुख्य रूप से जिले की खरीफ व रबी फसलों का किया जा रहा है। सामान्य तौर पर, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी की मुख्य फसलें जैसे गेहूं, सरसों, चना, और जौ आदि को शामिल किया गया हैं। जिले के किसान रवि, चांदीराम, अमरसिंह और जीतराम आदि ने बताया कि फसलों की बीमा होने के बाद कुछ हद तक किसान प्राकृतिक आपदाओं से निश्चित हो जाता है।
गेहूं की फसल पर 1205 रुपये प्रति हेक्टेयर राशि तय
बीमा प्रीमियम की राशि किसानों बिजाई की गई फसल और भूमि के प्रकार पर निर्भर करती है। यह योजना किसानों को बाढ़, अत्यधिक बारिश, और सूखा जैसी अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई करवाई जाती है। फसल खराब होने की स्थिति में, बीमा कंपनी निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार किसान को बीमा का भुगतान करती है। बीमा कंपनी की गेहूं की फसल पर 1205 रुपये प्रति हेक्टेयर, सरसों की फसल पर 809 रुपये प्रति हेक्टेयर, चना की फसल पर 592 रुपये प्रति हेक्टेयर और जौ की फसल पर 768 रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है।
:: किसानों से अपील की है कि वे सीएससी पर जाकर जल्द से जल्द अपनी रबी की फसलों का बीमा करवा लें। 20 नवंबर से बीमा प्रीमियम कटना शुरू हो गया है। जो कि 31 दिसंबर तक जारी रहेगा।
-संजय, सहायक कृषि अधिकारी, फतेहाबाद।