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Fatehabad News: नगर परिषद प्रशासन चहेती संस्थाओं पर मेहरबानी करने के आरोपों से घिरा

Fri, 08 May 2026 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के लघुसचिवालय ​स्थित कंहैया पार्क संवाद
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फतेहाबाद। शहर के पार्कों को चहेती संस्थाओं को गोद देने के आरोपों के बाद नगर परिषद प्रशासन बैकपुट पर है। अब मॉडल टाउन और लघु सचिवालय के कन्हैया, सुरेश मुंजाल, दलीप सिंह, एमसी कॉलोनी, उद्यम सिंह, डॉ. चिरंजी लाल और पूर्व प्रधान दर्शन नागपाल के सामने वाले पार्कों को देखरेख के लिए संस्थाओं को अलॉट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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पार्कों को गोद देने का मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक भी पहुंच चुका है। इस बारे में जबकि जिंदगी संस्था ने भी शिकायत दी है। संस्था अध्यक्ष हरदीप का कहना है कि उन्होंने पार्कों की हालत सुधारने में योगदान दिया लेकिन उनके ही पांच माह के बिल रोक दिए गए। दोबारा अनुबंध के लिए उन्हें अलॉट किया गया लेकिन वर्क ऑर्डर अटका दिया गया। अब नगर परिषद ने इसी पार्क को गोद देने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी कर आवेदन मांगने की प्रक्रिया शुरू की है।

नगर परिषद प्रशासन शहर में ग्रीन बेल्ट फाइव एकड़ के लिए भी आवेदन मांग सकता है। सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन डीएमसी अनुराग ढालिया ने निरीक्षण के दौरान उद्यम सिंह पार्क और ग्रीन बेल्ट में अनियमितताएं पाई थी जिसके चलते उनका पिछला अनुबंध खत्म किया गया। 30 अप्रैल को नगर परिषद ने 14 संस्थाओं को नोटिस जारी कर संसाधनों की रिपोर्ट मांगी थी।
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प्रशासन की योजना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही किसी संस्था को पार्क या ग्रीन बेल्ट की देखरेख का अधिकार दिया जाएगा। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शिता और सही चयन सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक आवेदन अनिवार्य है। इस बारे में जब नगर परिषद के ईओ सुरेश कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हैं।

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पिछले साल 72 लाख का भुगतान

शहर के पार्कों के रखरखाव का खर्च एक साल में 50 लाख रुपये बढ़ गया है। वर्ष 2024-2025 में नगर परिषद ने संस्थाओं को 22 लाख 18 हजार रुपये का भुगतान किया था लेकिन वर्ष 2025-26 में 73 लाख 66 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। जबकि पिछले वित्त वर्ष में अनुमानित भुगतान 50 लाख रुपये रखा गया था। इस बार नगर परिषद ने बैठक में एक करोड़ का बजट पार्कों के रखरखाव के लिए पास किया है।

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हमारी संस्था ने कन्हैया पार्क की हालत बदली है। यहां जंगल जैसे हालात हो चुके थे। उनके पांच माह के बिलों के भुगतान नहीं किया गया है। अब पार्क को दोबारा गोद दिया जा रहा था लेकिन वर्क ऑर्डर अटका दिया गया। पार्कों को लेकर राजनीति हो रही है। इस बारे में सीएम को शिकायत दी जा चुकी है।
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- हरदीप सिंह, अध्यक्ष, जिंदगी संस्था
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