राजेश मेहूवाला
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के चार वर्ष बाद भी रतिया को स्वतंत्र बिजली डिविजन का दर्जा नहीं मिल पाया है। इस वर्षों पुरानी मांग के पूरा न होने से क्षेत्र के करीब 65 हजार बिजली उपभोक्ता बेहतर सेवाओं का इंतजार कर रहे हैं।
विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद नया डिविजन धरातल पर शुरू नहीं हो सका है। रतिया डिविजन न होने से इस क्षेत्र को बिजली आपूर्ति फतेहाबाद बिजली डिविजन से मिल रही है। इससे फतेहाबाद डिविजन पर बिजली और काम का लोड काफी बढ़ गया है।
बिजली निगम के नियमों के अनुसार पांच से अधिक उपकेंद्र होने पर नई डिविजन बनाई जा सकती है। वर्तमान में फतेहाबाद डिविजन पर सात उपकेंद्रों का भार है। इन उपकेंद्रों में फतेहाबाद सिटी, अर्धशहरी फतेहाबाद, रतिया सिटी, अर्धशहरी रतिया, हड़ौली, भट्टूकलां और बड़ोपल शामिल हैं।
अधिक लोड के कारण ट्रिपिंग, ब्रेकडाउन और कम वोल्टेज जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। रतिया शहर सहित 70 से अधिक गांवों के लगभग 65 हजार उपभोक्ता इन समस्याओं से परेशान हैं। उन्हें फॉल्ट ठीक कराने और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।