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Fatehabad News: काडा विभाग ने चार साल में बनाए 250 पानी स्टोरेज टैंक, 4000 एकड़ में हो रही सूक्ष्म सिंचाई

Wed, 09 Sep 2026 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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भट्टू कलां क्षेत्र के खेतों में बनी पानी की डिग्गी। स्रोत सिंचाई विभाग
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फतेहाबाद। जिले में सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए व कम सिंचाई की उपलब्धता वाले किसानों के लिए काडा (कमान क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की ओर से जल भंडारण करने पर जोर दिया जा रहा है। पिछले चार वर्षों के दौरान जिले में 250 पानी स्टोरेज डिग्गियों का निर्माण करवाया गया है।
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इन डिग्गियों से किसान खेतों में सिंचाई के लिए पानी का भंडारण करके जिले में करीब 4000 एकड़ भूमि पर सूक्ष्म सिंचाई की जा रही है। काडा की योजना के तहत किसानों को पानी का उचित प्रबंधन करने और सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसके तहत किसानों को खेतों में पानी स्टोरेज टैंक बनाने के लिए सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। योजना का लाभ छोटे किसानों से लेकर बड़े किसानों तक को दिया जा रहा है। दो एकड़ जमीन वाले किसान से लेकर 50 एकड़ तक भूमि रखने वाले किसान इस योजना के तहत पानी स्टोरेज टैंक बनवा सकते हैं।
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हर वर्ष 100 नए टैंक बनाने का लक्ष्य
काडा विभाग की ओर से जिले में अब तक 400 टैंक का लक्ष्य निर्धारित था लेकिन 250 का ही निर्माण हो सका है। जिले में हर वर्ष 100 नए पानी स्टोरेज टैंक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है लेकिन खेतों में पानी की उपलब्धता अधिक रहने के कारण किसानों का रुझान इन टैंक निर्माणों की ओर कम है। इसके तहत पात्र किसानों को योजना से जोड़कर उनके खेतों में पानी के भंडारण की व्यवस्था विकसित की जा रही है। पानी स्टोरेज टैंक बनने से किसान बारिश अथवा सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी को सुरक्षित रख सकते हैं और आवश्यकता के अनुसार इसका इस्तेमाल फसलों की सिंचाई में कर सकते हैं।
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सामूहिक टैंक निर्माण पर 85 फीसदी अनुदान
किसानों को पानी स्टोरेज टैंक बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। यदि किसान सामूहिक रूप से पानी स्टोरेज टैंक का निर्माण करवाते हैं तो सरकार की ओर से 85 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है। वहीं व्यक्तिगत रूप से टैंक बनवाने वाले किसानों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इससे किसानों पर टैंक निर्माण का आर्थिक बोझ कम होता है और वे सिंचाई के आधुनिक साधनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।

:: सूक्ष्म सिंचाई व्यवस्था के विस्तार से पानी की बचत के साथ-साथ फसलों को आवश्यकता के अनुसार पानी उपलब्ध करवाने में भी मदद मिलती है। खेतों में बनाए गए स्टोरेज टैंकों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से जोड़कर किसान कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई कर पा रहे हैं।
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- संजीव सहारण, कार्यकारी अभियंता, काडा, फतेहाबाद।
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