बराड़ चौक पर पिछले कई सालों से कुल्फ ी की रेहड़ी लगाने वाले जनकराज के बेटे देवेंद्र ने संघर्षों में तपकर अमेरिका में अपनी प्रतिभा का डंका बजवाया है। देवेंद्र अमेरिका में लुईस यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं। देवेंद्र ने 12वीं तक की पढ़ाई टोहाना से ही पूरी की है।
पढ़ाई में अव्वल देवेंद्र ने हिसार के सरकारी कॉलेज से बीएससी और चंडीगढ़ के सरकारी कॉलेज से एमएससी करने के बाद यह मुकाम हासिल किया। देवेंद्र हमेशा ही टॉप टेन स्टूडेंट में रहे। उनकी इसी उपलब्धि के कारण उन्हें अमेरिका में केमिस्ट्री सब्जेक्ट में पीएचडी करने के लिए स्कॉलरशिप मिली। जनकराज के बेटे को कामयाब बनाने के लिए किए गए संघर्षों को देखते हुए चांदपुरा गुरुद्वारे के जत्थेदार बाबा प्रदीप सिंह और समाजसेवी ईश सरना ने उन्हें सम्मानित किया।
बिना कोचिंग मिली सफलता
पुरानी सब्जीमंडी निवासी जनकराज ने कहा कि वे हमेशा ही अपने बेटे देवेंद्र की वजह से गर्व महसूस करते आए हैं। देवेंद्र शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहा। जितनी भी परीक्षा देवेंद्र ने पास की, उसने अपनी मेहनत और लगन के चलते पास की है। कभी भी उसे कोचिंग लेने की जरूरत नहीं पड़ी।
देवेंद्र के पिता ने कहा कि हमारा परिवार गरीब है, लेकिन उसकी काबिलियत ने इस कमी को कभी आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने बताया कि देवेंद्र के शिक्षक भी कहते थे कि वह आगे चलकर अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगा।
सबको लेनी चाहिए प्रेरणा : सरना
समाज सेवी ईश सरना ने कहा कि कई लोग यह सोचकर अपने बच्चों को नहीं पढ़ाते कि उनके पास पर्याप्त आय नहीं है। अगर बच्चे के भीतर पढ़ने की ललक पैदा की जाए तो वह सरकारी स्कूल में पढ़कर भी बेहतर कॅरियर बना सकता है। इसका जीता जागता उदाहरण देवेंद्र है। उन्हाेंने समाज के सभी पिताओं से जनकराज जैसा बनने का आह्वान किया।