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फतेहाबाद: दो दिन में बढ़ गया पांच डिग्री तापमान, फसल उत्पादक चिंतित

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दिन का तापमान 22 से 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, यही मौसम रहा तो गेहूं के दाने पर पड़ेगा असर
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फतेहाबाद। जनवरी माह में पड़ी भयंकर ठंड व धुंध के बाद मौसम में परिवर्तन के चलते अचानक तापमान बढ़ने से जहां लोगों को ठंड से राहत मिली है। वहीं इस स्थिति को गेहूं की फसल के लिए खतरनाक माना जा रहा है। पिछले दो दिनों में ही दिन का तापमान पांच डिग्री बढ़ गया है। दिन का तापमान 22 से 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल के लिए नुकसानदेह साबित होगा। ऐसे में किसान भी अपनी फसल को लेकर चिंतित होने लगे हैं।
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जिले में इस बार एक लाख 80 हेक्टेयर में गेहूं की खेती है। गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए इस समय तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास होना चाहिए। जिले में जनवरी माह में पाला गिरने से जहां सरसों की फसल को नुकसान हुआ। वहीं गेहूं की फसल के लिए ठीक रहा, क्योंकि जिले में जनवरी माह में तापमान माइनस डिग्री में पहुंच गया था। जनवरी के अंत में धुंध पड़ने से गेहूं की फसल को बारिश की आवश्यकता नहीं हुई, लेकिन एक सप्ताह बाद ही अचानक तापमान में बढ़ोतरी होने से किसान चिंतित है। फरवरी की शुरूआत से ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने लगी। इसके चलते कृषि वैज्ञानिकों से लेकर किसानों तक की परेशानी पर पसीना आ गया है। आठ फरवरी को जहां तापमान 22 डिग्री सेल्सियस अंकित किया गया था, वहीं यह अब बढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो गेहूं के दाने के लिए ठीक नहीं माना जा रहा है।
गर्मी और बढ़ी तो सूख जाएंगे गेहूं के दाने के दूध
ठुईयां गांव के किसान रामजस, दैयड़ के बिजेंद्र सूच, बनावाली के रामसिंह और अहलीसदर के युवा किसान विनोद ने बताया कि इस समय गेहूं के दाने में दूध पड़ना शुरू हो गया है। अगर धूप अधिक निकली और गर्मी बढ़ी तो यह दूध सूखने लगेगा और दाना परिपक्व नहीं हो पाएगा। इससे पैदावार में कमी आएगी। जनवरी में गेहूं की फसल को बारिश की आवश्यकता थी, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि कुछ दिन धुंध रहने से फसल की जरूरत पूरी हुई, लेकिन अब अचानक पारा बढ़ने लगा है, जो गेहूं के लिए ठीक नहीं है।
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पश्चिमी विक्षोभ का नहीं दिखा असर
मौसम विभाग की ओर से नौ व 10 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ आने की घोषणा की गई थी, जिससे बादलवाही की आशंका जताई गई, लेकिन दो दिनों से आसमान बिलकुल साफ रहा और दिनभर तीखी धूप खिली रही। जो गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं बताई गई है।
कोट
एक बार फिर मौसम में परिर्वतन आया है। फरवरी माह के अंत तक गेहूं की फसल को 20 डिग्री या इससे कम तापमान मिलना चाहिए, लेकिन अब तापमान काफी बढ़ रहा है। इस समय गेहूं की फसल के दानों में दूध बन रहा है, अगर यही हालात रहे तो दूध सूख जाएगा और उत्पादन पर असर पड़ेगा।
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-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।
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