गांव धांगड़ में शनिवार को दूसरी कक्षा के छात्र को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पिता ने बताया कि बेटे का कसूर सिर्फ इतना था कि उसकी फीस जमा नहीं हो पाई थी। घायल बच्चे को सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
वहीं स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि काम न करने पर दो तीन थप्पड़ मारे थे। सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन घायल छात्र के पिता रामफल ने बताया कि उसका बेटा अमित गांव के ही स्कूल के दूसरी कक्षा में पढ़ता है। रामफल ने बताया कि जिस समय बच्चे को स्कूल में दाखिल किया गया था, तो उसने स्कूल में बताया था कि छह माह की फीस फसल बेचने के बाद दी जाएगी, लेकिन स्कूल प्रिंसिपल फीस के लिए कहने लगा।
जिस पर दोबारा कहा भी गया कि फीस नरमे की फसल बेचने के बाद दी जाएगी। रामफल ने आरोप लगाया कि शनिवार को जब अमित स्कूल में गया तो प्रिंसिपल ने फीस मांगी और जब अमित ने कहा कि वह नहीं लाया तो उसे बुरी तरह से पीटा। रामफल ने बताया कि अमित रोता हुआ घर आया और उसने चोट के निशान बारे में बताया। अमित की कमर व मुंह पर चोट के निशान थे।
रामफल ने बताया कि उसके दूसरे बेटे अंकित को भी बुरी तरह से पीटा गया था और उसके पैर पर नील जैसे निशान पड़ गए थे। स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि बच्चा काम नहीं करके आ रहा था इसलिए दो तीन थप्पड़ मारे थे। अब कमर पर कैसे निशान पड़ गए ये जवाब किसी के पास नहीं है।
क्या कहना है प्रिंसिपल का
ऐसा कुछ भी नहीं है। बच्चा लगातार काम नहीं करके आ रहा था। घर पर शिकायत भेजी गई थी। शनिवार को होमवर्क नहीं करके आया तथा स्कूल में जो काम दिया गया वह भी नहीं किया तो टीचर मेरे पास लेकर आई थी तो मैंने दो तीन थप्पड़ मारे थे और बच्चे ने उसी समय काम करके दिखा दिया था।