फतेहाबाद। फर्जी डिग्री मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तामसपुरा के सरंपच तरसेम सिंह की याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने नागपुर खंड के बीडीपीओ विकास लांग्यान को आदेश दिए हैं कि पूर्व की भांति बहुमत रखने वाले पंच को सरपंच पद का कार्यभार दे दिया जाए।
पंचायत राज अधिनियम में सरपंच पद के लिए दसवीं कक्षा उतीर्ण होना जरूरी था। सरपंच बनने के बाद तरसेम सिंह ने उत्तर प्रदेश स्टेट ओपन बोर्ड की 10वीं की मार्कशीट जमा करवाई। ग्रामीणों ने इस डिग्री को फर्जी बताते हुए उपायुक्त को शिकायत दी। जिलाधीश ने जांच में डिग्री को फर्जी पाया और सरपंच को पद से हटा दिया। सरपंच तरसेम सिंह ने उपायुक्त के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी मगर हाईकोर्ट ने तरसेम सिंह को कोई राहत नहीं दी और उपायुक्त के फैसले को सही ठहराया। उपायुक्त ने मेवा सिंह पंच को बहुमत के आधार पर कार्यवाहक सरपंच घोषित कर दिया और चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी।
बहुमत वाले पंच को सरपंच का चार्ज देने के आदेश
बीडीपीओ विकास लांग्यान ने बताया कि चुनाव घोषित होने के बाद तरसेम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। कोर्ट ने 13 जून को हाईकोर्ट के ऑर्डर और सरपंच के रिमूवल पर स्टे लगा दिया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया।