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Fatehabad News: कालांवाली में स्टेडियम नहीं होने से दम तोड़ रहीं प्रतिभाएं

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कालांवाली। सड़क किनारे अभ्यास करते युवा । संवाद
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कालांवाली। भले ही प्रदेश सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को बढ़़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है। लेकिन प्रदेश सरकार के यह दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं। इसका प्रमुख उदाहरण करीब विधानसभा कालांवाली का 30 हजार की आबादी वाला शहर है। जहां पर खेल सुविधा के तौर पर कोई इंडडोर या आउटडोर खेल स्टेडियम नहीं है।
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खेल मैदान के अभाव में युवाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है और युवा पीढ़ी की खेल प्रतिभाएं दबकर रह गई है। इतनी ही नहीं बल्कि युवा पीढ़ी नशे की दलदल में भी फंसकर खुद भी बर्बाद हो रही है और अपने परिवार को भी बर्बाद कर रही है। कालांवाली एरिया में गत एक माह में हुई करीब 4 युवाओं की नशे से मौत इस बात की गवाह है।

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खेल स्टेडियम को लेकर कई बार कर चुके मांग



कालांवाली में खेल स्टेडियम की मांग को लेकर युवा कई बार नगरपालिका, एसडीएम, डीसी, विधायक, सांसद और सीएम तक को मांग पत्र सौंप चुके है। हलका विधायक शीशपाल केहरवाला भी विधानसभा में युवाओं के लिए खेल स्टेडियम को लेकर आवाज उठा चुके है। लेकिन बावजूद इसके युवाओं के उज्जवल भविष्य को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
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शहर में खेल स्टेडियम ना होने के कारण युवाओं को सड़कों किनारे अपनी तैयारियां करनी पड़ती है। सड़क किनारे हमेशा दुर्घटना घटित होने का डर रहता है। कई युवा सड़क किनारे अभ्यास करते समय अपनी जान भी गवां चुके है। सरकार को चाहिए कि युवाओं को नशे से बचाने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए खेल स्टेडियम बनवाएं। - संदीप वर्मा, संचालक, ओलंपियन शूटिंग एकेडमी कालांवाली ।

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शहर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। कालांवाली से बहुत से युवा नेशनल स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके है। लेकिन कालांवाली में खेल स्टेडियम ना होने के कारण उनकी प्रतिभाएं दबकर रह गई है। प्रशासन व सरकार को युवाओं की तरफ ध्यान देना चाहिए और उन्हें बेहतर खेल सुविधा प्रदान करनी चाहिए। - अमन जैन, पार्षद वार्ड नंबर 6, कालांवाली ।

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शहर में खेल स्टेडियम बनने और खेल सुविधा बेहतर होने से बहुत से युवा नशे की लत से बच सकते है। साथ में युवा अपनी जिंदगी खुशहाल करके अपने परिवार, समाज और देश के लिए बेहतर कार्य कर सकते है। - नितिन गर्ग, पार्षद वार्ड नंबर 13।





शहर में नशा बहुत बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी नशे की दलदल में फंसती जा रही है। ऐसे में खेल ही बेहतर विकल्प है। इससे युवाओं को नशे की दलदल से निकाला जा सकता है। सरकार को चाहिए कि कालांवाली में खेल स्टेडियम बनाया जाए। - एडवोकेट दलीप सोलंकी, प्रधान, मिशन फेट टू फिट ।
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कालांवाली। सड़क किनारे अभ्यास करते युवा । संवाद

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